तमिलनाडु के राजनीतिक दल एमडीएमके के महासचिव वाइको को श्रीलंका को प्रतिबंधित तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई के समर्थन में भाषण देने के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया गया है.
उन्होंने कुछ दिन पहले तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में आयोजित एक रैली में श्रीलंका में तमिलों पर हो रहे हमलों का विरोध और एलटीटीई का समर्थन किया था.
समाचार माध्यमों के अनुसार गिरफ़्तारी के बाद वाइको ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार तमिलों के ख़िलाफ़ श्रीलंका की सरकार को हथियार मुहैया करा रही है.
समर्थन
उन्होंने कहा कि श्रीलंका के तमिलों के मुद्दे पर उनके रुख़ को कोई बदल नहीं सकता और अगर ज़रूरत पड़ी तो वह एलटीटीई के लिए हथियार भी ले जाएँगे.
एलटीटीई का समर्थन करने के आरोप में वाइकों को तीसरी बार गिरफ़्तार किया गया है. उनके ऊपर पोटा भी लगाया गया था. जिसे एक समीक्षा समिति की सिफ़ारिश के बाद वापस ले लिया गया था.
वाइको की पार्टी एमडीएमके का इस समय तमिलनाडु की मुख्य विपक्षी पार्टी जयललिता की एआईएडीएमके के साथ गठबंधन है.
इस महीने की 17 तारीख़ को श्रीलंका में तमिलों पर हो रहे हमलों के विरोध में तमिलनाडु में सत्तारूढ़ डीएमके के चौदह सांसदों ने संसद से अपना इस्तीफ़ा पार्टी अध्यक्ष करुणानिधि को सौंप दिया था.
इस्तीफ़ा देने वाले में सात केंद्र सरकार के मंत्री भी थे.
एलटीटीई के ख़िलाफ़ श्रीलंका की सेना के अभियान को रुकवाने के लिए डीएमके सांसदों ने 29 अक्तूबर की समय सीमा तय कर रखी है.
द्रमुक और अन्य तमिल पार्टियों के दबाव के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे से बात कर कहा था कि वे यह सुनिश्चित करें कि एलटीटीई के साथ संघर्ष में तमिल न फँसें. उनकी सुरक्षा हो और उनके अधिकारों की रक्षा की जाए.