बुधवार, 22 अक्तूबर, 2008 को 07:10 GMT तक के समाचार
मणिकांत ठाकुर
बीबीसी संवाददाता, पटना
मुंबई में उत्तर भारतीय छात्रों की पिटाई के विरोध में बुधवार को एक तरह से पूरा बिहार ही आंदोलित हो गया. जगह-जगह छात्रों ने आंदोलन किया और अनेक जगहों पर तोड़फोड़ हुई है.
इस आंदोलन का सबसे बड़ा निशाना रेलवे बना और इसके चलते जहाँ आधा दर्जन से अधिक रेलगाड़ियों में तोड़फोड़ हुई वहीं कम से कम तीन रेलगाड़ियों के अनेक कोच जला दिए गए. है.
पूर्व मध्य रेलवे के पूरे बिहार क्षेत्र में दिनभर रेल सेवाएँ ठप्प पड़ी रहीं और ग्रेंड कॉर्ड सेक्शन-मेन लाइन दोनो में जहाँ-तहाँ रेलगाड़ियों के रुके होने से पूरे क्षेत्र में रेल यात्री पूरे दिन परेशान रहे. इसका असर 50 रेलगाड़ियों पर पड़ा है.
रेल मंत्री लालू यादव ने बिहार में छात्रों से अपील की है कि 'वे अपनी ही संपत्ति को नुकसान न पहुँचाएँ.' उन्होंने छात्रों को ये आश्वासन भी दिया कि महाराष्ट्र में जो भी परीक्षा केंद्र प्रभावित हुए, वहाँ के छात्रों की परीक्षा महाराष्ट्र के बाहर दोबारा होगी.
कई शहरों में छात्र दुकानें बंद करवा रहे हैं और बाज़ार में भी तोड़फोड़ करने की ख़बरें आ रही हैं. नाराज़ छात्र जगह-जगह राज ठाकरे, एमएनएस, शिवसेना और महाराष्ट्र सरकार के पुतले भी जला रहे हैं.
इस आंदोलन में अभी तक किसी के हताहत होने की ख़बरें नहीं हैं. कई जगह पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के ख़िलाफ़ पुलिस ने कार्रवाई की है और राजधानी पटना समेत अनेक जगहों पर एहतियात के तौर पर छात्रों को हिरासत में लेकर फिर रिहा कर दिया गया है.
आरोप-प्रत्यारोप
राष्ट्रीय जनता दल ने इस आंदोलन को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इशारे पर रेलवे की छवि ख़राब करने के लिए किया जा रहा आंदोलन कहा है.
जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रशासन और पुलिस से इस आंदोलन पर क़ाबू पाने के लिए आवश्यक क़दम उठाने और रेलवे सहित सभी सार्वजनिक संपत्ति को नुक़सान से बचाने के निर्देश दिए हैं.
उल्लेखनीय है कि एमएनएस के कार्यकर्ताओं ने रविवार को मुंबई के सीमावर्ती इलाक़ों में रेलवे में भर्ती के लिए परीक्षा देने के लिए उत्तर भारत से वहाँ पहुँचे परीक्षार्थियों पर हमला किया और उन्हें परीक्षास्थल से खदेड़ दिया था.
इस मारपीट की वजह से बाद में एक छात्र की मौत भी हो गई थी.
रेल सेवा अस्तव्यस्त
ख़बरें हैं कि पूरे बिहार में छात्र सड़कों पर निकल आए हैं और सीधे रेलवे स्टेशनों का रुख़ कर रहे हैं. कई जगहों पर उन्होंने बाज़ार भी बंद करवाना शुरु कर दिया है.
पूर्व मध्य रेलवे में पटना से मोकामा और पूर्णिया से कटिहार के बीच रेल सेवा ठप्प रही है.
पटना और सहरसा के बीच चलने वाली कोसी एक्सप्रेस में अथमलगोला रेल स्टेशन पर वातानुकूलित कोच में आग लगाई गई. उधर सासाराम में सासाराम विक्रमगंज पेसेंजर की तीन बोगियों में आग लगाई गई. इस तरह बिहार में तीन रेलगाड़ियों के कई कोच जला दिए गए हैं.
जहानाबाद रेलवे स्टेशन, बाढ़ रेलवे स्टेशन, खसरूपुर रेलवे स्टेशन पर और पटना से गया के बीच कई ट्रेनों में तोड़फोड़ और आगज़नी हुई.
अधिकारियों के अनुसार बाढ़ रेलवे स्टेशन पर दुर्ग-दक्षिण एक्सप्रेस में तोड़फोड़ की गई है और दो बोगियों में आग लगा दी गई.
खुसरुपुर में विक्रमशिला एक्सप्रेस में तोड़फोड़ की गई. पटना से गया के बीच पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस और पटना गया यात्री ट्रेन में तोड़फोड़ की गई है.
पटना मोकामा मार्ग पर और पूर्णिया-कटिहार के बीच भी रेल यातायात रोक दिया गया है.
नाराज़गी
पटना, सिवान, गया और सिवान सहित कई शहरों में छात्र सड़कों पर उतर आए और नारे लगाकर मुंबई में हुई घटना का विरोध कर रहे हैं.
छात्रों का आरोप है कि यह पाँचवीं बार था जबकि बिहार के छात्रों को महाराष्ट्र में पीटा गया है. नाराज़ छात्र नारे लगा रहे थे कि अब आगे से वे पिटाई को बर्दाश्त नहीं करेंगे.
मुंबई से लौटे छात्रों ने पटना रेलवे स्टेशन में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे पर अपने कार्यकर्ताओं के ज़रिए हत्या करवाने की नामज़द रिपोर्ट लिखवाई है.
इसके अलावा छात्र जिन शहरों से मुंबई गए थे, वहाँ से लौटकर वे अपने शहर के रेलवे पुलिस थाने में राज ठाकरे के ख़िलाफ़ ऐसी ही रिपोर्ट दर्ज करवा रहे हैं और इसमें स्थानीय वकील उनकी मदद कर रहे हैं.
शहरों और क़स्बों में छात्र रेलवे स्टेशनों से निकलकर बाज़ारों में पहुँच गए हैं. कई जगह उन्होंनें दुकानों में भी तोड़फोड़ की है और कई जगह बाज़ार बंद करवा दिए हैं.