मंगलवार, 21 अक्तूबर, 2008 को 06:51 GMT तक के समाचार
भारतीय संसद में मंगलवार सुबह श्रीलंका में तमिलों की सुरक्षा, भारत-अमरीका परमाणु समझौते और महाराष्ट्र में उत्तर भारतीय के ख़िलाफ़ हिंसा के मुद्दों पर भारी हंगामा हुआ और लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही काफ़ी देर चल नहीं पाई.
सुबह दोनों सदनों की कार्यवाही को दोपहर तक के लिए स्थगित किया गया. बाद में दोपहर में लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरु हो पाई और कुछ कामकाज के बाद फिर हंगामा होने लगा.
लोकसभा में कार्यवाही के दौरान तमिलनाडु के सांसद शोर करते हुए सदन के बीचोंबीच आ खड़े हुए.
ग़ौरतलब है कि हाल में तमिलनाडु के सांसदों ने एक सर्वदलीय बैठक कर श्रीलंका में सैना और तमिल चरंपंथी संगठन एलटीटीई के बीच भीषण लड़ाई पर चिंता जताई थी.
उन्होंने ये घोषणा भी की थी कि भारत वहाँ संघर्षविराम कायम करने के लिए कदम उठाए और यदि दो हफ़्ते में वहाँ संघर्षविराम नहीं होता तो तमिलनाडु के सभी सांसद संसद से इस्तीफ़ा दे देंगे.
श्रीलंका की तमिलों की सुरक्षा
मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने कई बार तमिलनाडु के सांसदों से अपील की कि वे उन्हें अपनी बात रखने का मौक़ा देंगे लेकिन उनकी अपील का सांसदों पर कोई असर नहीं हुआ और कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी.
सोमनाथ चटर्जी का कहना था, "आप केवल एक मिनट के लिए अपनी सीटों पर लौट जाएँ. मैं आप सभी की बात सुनने के लिए तैयार हूँ."
लेकिन लोकसभा अध्यक्ष की बात का जब सांसदों पर कोई असर नहीं हुआ तब उन्हें झल्ला कर ये भी कहना पड़ा, "आप अपनी बात रखना ही नहीं चाहते हैं. आप केवल शोर करना चाहते हैं. मैं सदन की कार्यवाही स्थगित करता हूँ." इसके बाद दोपहर को लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरु हुई लेकिन कुछ कामकाज के बाद फिर हंगामा होने लगा.
उधर राज्यसभा में भी सुबह यही हाल था और सांसदों के अपनी सीटों पर खड़े होने और शोर करने के कारण राज्यसभा के चेयरमैन हामिद अंसारी को सदन का कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी.
जहाँ तमिलनाडु के सांसदों ने श्रीलंका के तमिलों की सुरक्षा की मुद्दा उठाया वहीं वामदलों के सांसदों ने परमाणु मुद्दे को उठाते हुए शोर किया.
दोपहर में कार्यवाही दोबारा शुरु होने के बाद भी सांसदों का शोर होता रहा लेकिन बाद में सदन का कामकाज सामान्य तौर पर चला और महाराष्ट्र में उत्तर भारतीय के ख़िलाफ़ रेल परीक्षा के दौरान हुई हिंसा के मुद्दे पर बहस हुई.
भारतीय संसद का सत्र शुक्रवार को शुरु हुआ था और पहले ही दिन देश के कुछ हिस्सों में सांप्रदायिक दंगों के मुद्दे पर राज्यसभा में भारी हंगामा हुआ था.
संभावना है कि संसद के इस सत्र में कई ऐसे मुद्दे सामने आने वाले हैं जिनमें सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने होगा. इनमें ईसाइयों के ख़िलाफ़ कर्नाटक-उड़ीसा में हिंसा, भारत-अमरीका परमाणु समझौता, चरमपंथी और देश में कई जगह हुए धमाके शामिल हैं.
देश में पाँच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की घोषणा के बाद सभी राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है और विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश से पीछे नहीं हटना चाहेगा.