मंगलवार, 21 अक्तूबर, 2008 को 07:31 GMT तक के समाचार
नैटो के एक उच्चस्तरीय कमांडर ने अफ़ग़ानिस्तान में पश्चिमी देशों के प्रयासों को अव्यवस्थित बताते हुए चेतावनी दी है कि यह युद्ध सिर्फ़ सेना के माध्यम से नहीं जीता जा सकता.
जनरल जॉन क्रेडॉक ने लंदन में कहा कि तालेबान के ख़िलाफ़ इस युद्ध में राजनीतिक इच्छाशक्ति डगमगा रही है.
अमरीकी जनरल ने संकेत दिया कि नैटो के सहायक भी इस विद्रोह से लड़ने के लिए पर्याप्त सैनिक मदद देने में विफल रहे हैं.
उन्होंने कहा कि अफ़ग़ान सरकार और उसके समर्थकों को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाने की ज़रूरत है ताकि वे बेहतर शासन प्रदान कर सकें.
जनरल क्रेडॉक ने अफ़ग़ानिस्तान में रह रहे पश्चिमी सेना के कमांडरों में उभर रही कुंठा के स्वर में स्वर मिलाया है.
लंदन में रॉयल यूनाइटेड सर्विसेज़ इंस्टीट्यूट में संबोधित करते हुए जनरल ने उन 70 प्रतिबंधों और निषेधाज्ञाओं का उल्लेख किया जो अफ़ग़ानिस्तान में कुछ सेनाओं के लिए स्वीकार्य हैं.
उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि अफ़ग़ानिस्तान के नागरिक मामलों में सेना के प्रयास पर्याप्त रूप से कारग़र नहीं हो सकते. उनके अनुसार नैटो सेना तो सिर्फ़ मैदान खाली ही कर सकती हैं लेकिन यह दूसरों पर निर्भर है कि वे आगे आएं और नागरिक समाज का पुनर्निर्माण करें.
असफल
जनरल क्रेडॉक ने पिछले दिनों हेलमंद में तैनात ब्रिटिश कमांडर ब्रिगेडियर मार्क कार्लेटन-स्मिथ की टिप्पणी से सहमति व्यक्त की.
उन्होंने कहा, "अफ़ग़ानिस्तान का विवाद सिर्फ़ सेना के माध्यम से ही हल नहीं हो सकता. हम तो सिर्फ़ एक बड़ी टीम के एक सदस्य हैं."
जनरल क्रेडॉक ने कहा, "सेना को एक सुरक्षित माहौल प्रदान करना चाहिए...हमें मिलकर एक सच्चा और समन्वित प्रयास करना होगा."
जनरल क्रेडॉक ने कहा कि अभी और अधिक समन्वय और सामंजस्य की ज़रूरत है.
उन्होंने चेतावनी दी कि भ्रष्टाचार से निपटने के लिए अफ़ग़ान अधिकारियों को भी और प्रयास करने होंगे और प्रभावी नीति और न्याय व्यवस्था के साथ बेहतर शासन प्रदान करना होगा, नहीं तो सेना के बल पर कोई भी विजय बेकार साबित होगी.