गुरुवार, 16 अक्तूबर, 2008 को 17:40 GMT तक के समाचार
भारत सरकार ने भारतीय जहाज़ों और चालक दलों की सुरक्षा के लिए सोमालियाई जलसीमा में नौसैनिक युद्धपोतों की तैनाती का फ़ैसला किया है.
यह फ़ैसला भारतीय बंधकों को रिहा करने के लिए सोमालियाई समुद्री लुटेरों से मिली समयसीमा ख़त्म होने के बाद किया गया है.
भारतीय रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया, "हम समुद्री रास्ते की गश्ती तत्काल प्रभाव से शुरु कर रहे हैं. युद्धपोतों की तैनाती ओमान के सलाला और यमन में एडन के बीच की जाएगी."
अभी मालवाहक पोत ‘स्टोल्ट वैलोर’ पर 18 भारतीय सोमालियाई समुद्री लुटेरों के कब्ज़े में हैं. अपहरणकर्ताओं ने मंगलवार को 48 घंटे का अल्टीमेटम जारी किया था. यह समय सीमा आज समाप्त हो गई.
हॉंगकॉंग में पंजीकृत जापानी पोत ‘स्टोल्ट वैलोर’ को एक महीने पहले लुटेरों ने अगवा कर लिया था और उसे सोमालिया के जलक्षेत्र में ले जाया गया था.
इसके 24 सदस्यों के चालक दल में 18 भारतीय हैं और पोत के कैप्टन प्रभु दयाल गोयल की पत्नी सीमा गोयल सरकार से अपने पति को छुड़ाने की लगातार गुहार कर रही हैं.
कमांडो की तैनाती
रक्षा प्रवक्ता ने कहा, “भारतीय जंगी पोत की गश्त तत्काल शुरू हो रही है. युद्धपोत पर हेलीकॉप्टर और मरीन कमांडो तैनात हैं.”
प्रवक्ता ने कहा कि लुटेरों के ख़िलाफ़ यह गश्त जहाजरानी महानिदेशालय के साथ तालमेल से की जाएगी और हिंद महासागर में नौसेना के जंगी पोत के साथ गुजरने के इच्छुक जहाजों की सूचना जहाजरानी महानिदेशालय ही देगा.
अदन की खाड़ी में भारतीय जंगी पोत की यह गश्त इस लिहाज़ से महत्वपूर्ण है कि हिंद महासागर की यह खाड़ी संवेदनशील संकीर्ण जलमार्ग है और यहां से होकर ही स्वेज़ नहर के लिए प्रवेश मिलता है.
इस जलमार्ग की संकीर्णता का फायदा उठाकर व्यापारिक जहाज़ों को लुटेरे अगवा कर लेते हैं.
प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय नौसेना की उस इलाके में मौजूदगी से हमारे समुद्रीय व्यापार को संरक्षण मिलेगा और समुद्री लुटेरों को भारतीय संपत्ति से दूर रखा जा सकेगा.