मंगलवार, 14 अक्तूबर, 2008 को 12:20 GMT तक के समाचार
रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता, रायबरेली से
केंद्र में सत्तारुढ़ कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने कहा है कि वे उत्तर प्रदेश की मायावती सरकार के ख़िलाफ़ संघर्ष करते हुए 'जेल जाने को तैयार हैं.'
मंगलवार को उत्तर प्रदेश के रायबरेली में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने इस बात के संकेत दिए कि कांग्रेस मायावती सरकार के इस फ़ैसले और अन्य केंद्रीय परियोजनाओं में रुकावट पैदा करने के ख़िलाफ़ एक बड़ा आंदोलन शुरु करेगी.
उत्तर प्रदेश में मायावती सरकार ने रेल कोच फ़ैक्ट्री के लिए ज़मीन का आवंटन रद्द कर दिया है और मामला इलाहाबाद उच्च न्यायालय में पहुँच गया है.
सोनिया गाँधी इस बात से काफ़ी क्षुब्ध थीं कि मायावती सरकार ने न केवल लालगंज में प्रस्तावित रेल कोच फ़ैक्ट्री की ज़मीन का आवंटन रद्द कर दिया बल्कि उन्हें उस जगह पर एक रैली की भी अनुमति नहीं दी.
इतना ही नहीं स्थानीय प्रशासन ने मंगलवार को सोनिया गाँधी को उनके रोड शो का रास्ता भी बदल दिया क्योंकि पूर्व निर्धारित रास्ते पर काफ़ी संख्या में स्थानीय किसान सोनिया गाँधी के समर्थन में खड़े थे.
सोनिया गाँधी ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा, "मैं यहाँ ख़ुशी मनाने आई थी. यहाँ रेल कोच फ़ैक्ट्री के लिए भूमि पूजन का बंदोबस्त किया गया था लेकिन उसमें रुकावट डाल दी गई."
उन्होंने कहा कि चूँकि ज़मीन का मामला अभी अदालत में है इस वजह से वे इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगी.
कर्मभूमि
उन्होंने कहा, "मैं कहना चाहती हूँ कि रायबरेली और अमेठी फ़ीरोज़, इंदिरा और राजीव की कर्मभूमि रही है और मेरे और राहुल के लिए रायबरेली घर जैसा है."
उन्होंने मायावती से सवाल किया कि क्या अपने घर आने से कोई इनकार कर सकता है.
पत्रकारों के इस सवाल पर कि कांग्रेस किस रुप में अपना विरोध दर्ज करेगी, सोनिया गाँधी ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी की ओर मुख़ातिब होकर कहा, "ये सब लोग हैं जो ज़रुरी होगा वो करेंगे."
आगे उन्होंने कहा कि ज़रुरत हुई तो वो भी जेल जाने को तैयार हैं.
ग़ौरतलब है कि कुछ महीने पहले कानपुर में कांग्रेस पार्टी अधिवेशन में सोनिया गाँधी ने ऐलान किया था कि वे मायावती सरकार के ख़िलाफ़ संघर्ष करेंगी और ज़रुरत पड़ने पर राहुल गाँधी जेल जाने के लिए तैयार हैं.
रैली पर रोक
सोनिया गाँधी को रायबरेली के फ़ुरसतगंज़ हवाई अड्डे से सीधे लालगंज आना था और उसी रास्ते एहार गाँव के पास रेल कोच फ़ैक्ट्री के भूमि पूजन रैली का बंदोबस्त था. लेकिन स्थानीय प्रशासन ने उस रास्ते से उनके जाने पर रोक लगा दी.
सोनिया गाँधी दूसरे रास्ते से वहाँ पहुँची. उन्होंने लालगंज में लाइफ़लाइन एक्सप्रेस ट्रेन का निरीक्षण किया.
लालगंज क़स्बे में बड़ी तादात में पुलिस बल तैनात किए गए थे और लोगों को आने-जाने से हतोत्साहित किया जा रहा था.
रैली के लिए प्रस्तावित स्थल पर बने मंच को प्रशासन ने उखाड़ दिया था और आस-पास सैकड़ों ग्रामीण खड़े होकर मायावती सरकार के ख़िलाफ़ नाराज़गी भरी बातें कर रहे थे.