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शनिवार, 11 अक्तूबर, 2008 को 18:01 GMT तक के समाचार

सिंगुर में नई परियोजना की मांग

सिंगुर से टाटा की नैनो परियोजना हटने के बाद तृणमूल कांग्रेस और आंदोलन में उनके सहयोगी सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ़ इंडिया (एसयूसीआई) अब वहाँ नई औद्योगिक परियोजना चाहते हैं.

इसके लिए सिंगुर कृषि ज़मीन रक्षा समिति पश्चिम बंगाल सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी कर रहे हैं. इसी मांग को लेकर वे रविवार को सिंगुर में एक रैली करने जा रहे हैं.

टाटा की नैनो कार परियोजना के लिए सरकार ने सिंगुर में किसानों की ज़मीन अधिगृहित की थी लेकिन ममता बैनर्जी की तृणमूल कांग्रेस का आरोप था कि किसानों से जबरन ज़मीन ली गई है.

इसके कारण सिंगुर में आंदोलन चला. टाटा ने अपनी परियोजना पर काम भी शुरू कर दिया था. लेकिन जब समझौता नहीं हो पाया तो टाटा ने अपनी परियोजना हटाने का फ़ैसला किया और अब नैनो परियोजना गुजरात में शुरू होगी.

मांग

एसयूसीआई के राज्य सचिव और केंद्रीय समिति के सदस्य प्रभात बोस ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, "जिस ज़मीन पर टाटा संयंत्र बना है, वो अब कृषियोग्य नहीं रह गई है. इसलिए हम चाहते हैं कि सरकार वहाँ कोई और औद्योगिक परियोजना शुरू करे."

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने टाटा की परियोजना के कारण वहाँ दूकानें खोली थी और कर्ज़ लिया था, उन पर काफ़ी दबाव है क्योंकि वे अब इस स्थिति में नहीं है कि कर्ज़ लौटा सकें.

तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी पहले कह चुकी हैं कि वे आद्योगिकरण के ख़िलाफ़ नहीं हैं. ममता बनर्जी का कहना है कि अब वे प्रभावित लोगों की नौकरी के लिए आंदोलन करेंगी.

उन्होंने पीटीआई को बताया, "अब किसान कहाँ जाएँगे. हम सरकार से मांग करते हैं कि वह उन किसानों को नौकरी दे, जिन्होंने टाटा की परियोजना के लिए अपनी ज़मीन दी थी."

ममता बनर्जी अपनी उस मांग पर भी क़ायम हैं कि जिन किसानों ने मुआवज़ा लेने से इनकार किया था, सरकार उनकी ज़मीन वापस करे.

हालाँकि उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि टाटा परियोजना के सिंगुर से हट जाने के बाद उनके आंदोलन की आलोचना हो रही है.