शुक्रवार, 10 अक्तूबर, 2008 को 00:59 GMT तक के समाचार
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जम्मू कश्मीर को दो अहम परियोजनाओं की शुरुआत करने जा रहे हैं. एक तो घाटी के लिए पहली रेल है और दूसरी पनबिजली परियोजना.
इसके लिए मनमोहन सिंह शुक्रवार को दो दिनों के दौरे पर जम्मू कश्मीर जा रहे हैं.
शनिवार को जब मनमोहन सिंह भारत प्रशासित कश्मीर में रहेंगे, अलगाववादियों ने जन-कर्फ़्यू का आह्वान किया है.
मनमोहन सिंह शुक्रवार को दोपहर को जम्मू के उधमपुर पहुँचेंगे और वहाँ से डोडा ज़िले जाएँगे जहाँ वे बगलिहार पनबिजली परियोजना का औपचारिक उद्घाटन करेंगे.
450 मेगावाट के इस बिजली परियोजना से जम्मू कश्मीर को बहुत लाभ मिलने की संभावना है क्योंकि राज्य में बिजली की ज़रुरत और आपूर्ति के बीच छह सौ मेगावाट का अंतर है.
चेनाब नदी पर स्थापित इस परियोजना को लेकर विवाद रहा है क्योंकि इस पर पड़ोसी देश पाकिस्तान को आपत्ति रही है. पाकिस्तान का कहना है कि एक तो इस बांध की ऊँचाई अधिक है और दूसरे उसका कहना है कि इससे चेनाब में पानी कम हो जाएगा, जो कि संधि का उल्लंघन है.
मनमोहन सिंह वहाँ एक रैली को भी संबोधित करेंगे.
रेल परियोजना
इसके बाद मनमोहन सिंह श्रीनगर के लिए रवाना हो जाएंगे.
वहाँ उन्हें एक नई रेल लाइन का उद्धाटन करना है. यह रेल लाइन नियंत्रण रेखा के दोनों ओर के कश्मीर में पहली रेल लाइन है.
भारत प्रशासित कश्मीर के उत्तरी हिस्से में बारामूला से लेकर दक्षिण में स्थित काज़ीगुंड तक के 117 किलोमीटर की दूरी इस रेल लाइन से पूरी होगी.
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि हालांकि यह पूरी रेल लाइन वर्ष 2009 तक पूरी होगी लेकिन इस समय अनंतनाग से श्रीनगर के रास्ते राजवानशेर तक 72 किलोमीटर की रेल लाइन तैयार है.
इसी हिस्से का उद्धाटन प्रधानमंत्री करने जा रहे हैं.
अधिकारियों का कहना है कि ये दोनों परियोजनाएँ भारत प्रशासित कश्मीर की तस्वीर बदल देंगी.
हालांकि अलगाववादी इससे सहमत नहीं हैं और उनका कहना है कि भारत सरकार के पैकेजों से कश्मीर समस्या को नहीं सुलझाया जा सकता.
इन दोनों कार्यक्रमों के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ऐसे समय में वहाँ जा रहे हैं जब घाटी में पिछले दिनों आज़ादी की मांग को लेकर कई बड़ी रैलियाँ हो चुकी हैं.