बुधवार, 08 अक्तूबर, 2008 को 09:21 GMT तक के समाचार
रमज़ान के अंतिम दिनों में सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का में अफ़ग़ान अधिकारियों और तालेबान के बीच हुई बातचीत के कुछ और विवरण पता चले हैं.
बातचीत एक भोज के दौरान हुई जिसका आयोजन सऊदी अरब के शाह अबदुल्लाह ने मक्का में किया था.
तालेबान के एक पूर्व नेता ने बीबीसी को बताया कि बातचीत में अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई के बड़े भाई क़य्यूम, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ और कई पूर्व तालेबान नेता शामिल हुए.
तालेबान के पूर्व नेता ने बताया कि बैठक में शामिल लोग अफ़ग़ानिस्तान में पिछले कई सालों से जारी हिंसा को ख़त्म करने का समाधान ढूँढ़ने को लेकर उत्सुक थे.
पूर्व तालेबान नेता ने इस बात से इनकार किया कि इस दौरान इस विषय पर कोई औपचारिक बातचीत हुई.
औपचारिक समझौता नहीं
अफ़ग़ानिस्तान सरकार और तालेबान ने इस दौरान किसी तरह का समझौता होने से इनकार किया है.
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद क़रज़ई ने पिछले हफ़्ते कहा था कि उन्होंने सऊदी अरब के सुल्तान से तालेबान से बातचीत में मध्यस्थता करने की अपील की थी ताकि अफ़ग़ानिस्तान में पिछले सात साल से जारी हिंसा को ख़त्म किया जा सके.
काबुल में मौजूद बीबीसी संवाददाता ने कहा कि इस बात का पता नहीं चला है कि खाने की मेज़ पर किस बात पर चर्चा हुई, लेकिन में बैठक में अफ़ग़ान सरकार और तालेबान को बातचीत के लिए और नज़दीक आने की सलाह दी गई.
मंगलवार को लंदन के एक अख़बार अल शार्क़ अल अवस्त में प्रकाशित ख़बर में बताया गया था कि सऊदी अरब में अफ़ग़ानिस्तान और तालेबान के बीच बातचीत तीन दिनों तक चली थी.
बातचीत में तालेबान की ओर से पूर्व मंत्रियों और तालेबान नेता मुल्ला उमर के एक सहयोगी ने हिस्सा लिया जबकि अफ़ग़ानिस्तान की ओर से सांसद आरिफ़ नूर ज़ी के नेतृत्व में 17 लोग शामिल हुए थे.