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मंगलवार, 07 अक्तूबर, 2008 को 03:00 GMT तक के समाचार

तालेबान से बातचीत की हिमायत

अमरीकी रक्षामंत्री रॉबर्ट गेट्स ने ब्रितानी कमांडर की इस राय का समर्थन किया है कि अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान और दूसरे चरमपंथियों से बात करनी चाहिए.

हालांकि उन्होंने ब्रितानी कमांडर की इस राय को अस्वीकार कर दिया कि अफ़ग़ानिस्तान में चल रहा युद्ध कभी जीता नहीं जा सकता.

उनका कहना था कि बड़ी चुनौतियों के बावजूद यह मानने का कोई कारण नहीं है कि अफ़ग़ानिस्तान में लंबे समय में जीत नहीं मिल सकती.

अफ़ग़ानिस्तान में ब्रितानी कमांडर ब्रिगेडियर मार्क कार्लटन-स्मिथ ने सुझाव दिया था कि वहाँ संघर्ष ख़त्म करने के लिए ज़रूरी है कि तालेबान और दूसरे चरमपंथियों से बात की जाए.

सहमति

मैसेडोनिया और हंगरी से लौटते हुए पत्रकारों से बात करते हुए रॉबर्ड गेट्स ने कहा कि यह जानने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए कि कौन भविष्य के अफ़ग़ानिस्तान का हिस्सा रहना चाहता है और कौन नहीं.

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार तालेबान और दूसरे चरमपंथियों से बातचीत के मसले पर उन्होंने कहा, "यह इराक़ की तरह ही एक अहम विकल्प है कि उन लोगों के साथ समझौता कर लिया जाए जो अफ़ग़ान सेना के साथ काम करने को तैयार हैं."

रॉबर्ट गेट्स का यह बयान ऐसे समय में आया है जब एक तालेबान नेता ने सोमवार को कहा है कि अफ़ग़ान अधिकारियों और तालेबान के बीच पिछले महीने सऊदी अरब में मुलाक़ात हुई थी.

अमरीकी रक्षामंत्री का कहना है कि सऊदी अरब के इस तरह के प्रयास का वे स्वागत करते हैं.

इस समय अमरीका अफ़ग़ानिस्तान में अपनी रणनीति की समीक्षा कर रहा है. ठीक उसी तरह से जैसे 2006 में इराक़ में रणनीति की समीक्षा के बाद अमरीका ने वहाँ 30 हज़ार और सैनिकों को भेजने का निर्णय किया था.