सोमवार, 06 अक्तूबर, 2008 को 20:24 GMT तक के समाचार
संदीप साहू
भुवनेश्वर से
पुलिस का कहना है कि उसने विश्व हिंदू परिषद के नेता लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या के मामले में माओवादियों से जुड़े दो लोगों को उड़ीसा के कंधमाल ज़िले से गिरफ़्तार किया है और एक शख्स को हिरासत में लिया है.
विहिप नेता लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या के बाद उड़ीसा में ईसाइयों को निशाना बनाया गया था और कंधमाल ज़िला इससे सबसे अधिक प्रभावित हुआ था.
विहिप नेता की हत्या के 42 दिन बाद ये पहली गिरफ़्तारियाँ हुईं हैं.
उड़ीसा के पुलिस महानिदेशक (अपराध शाखा) अरुण राय ने बताया कि अपराधियों को पकड़ने के लिए गठित विशेष जाँच दल ने दो लोगों को गिरफ़्तार किया है और एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है.
उनका कहना था कि इन लोगों का संबंध माओवादियों से हैं.
पुलिस का कहना है कि ये लोग माओवादी कॉडर के तो नहीं हैं लेकिन उन्होंने हथियारों का प्रशिक्षण उनसे लिया है.
इसके पहले माओवादियों ने दावा किया था कि उन्होंने ही स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या की थी.
उड़ीसा के कुछ पत्रकारों को माओवादी जंगलों में ले गए और वहाँ सीपीआई (माओवादी) के उड़ीसा राज्य समिति के प्रमुख नेता सब्यसाची पंडा उर्फ़ कॉमरेड सुनील ने ये दावा किया था.
पंडा का कहना था कि स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती उस इलाक़े में सांप्रदायिक और जातिगत विद्वेष फैला रहे थे और इसीलिए माओवादियों ने उनकी हत्या की.
अब तक इस मामले में चुप्पी साधे रखने के सवाल पर उनका कहना था, "हमने चुप्पी नहीं रखी. घटनास्थल पर हमने अपने लेटरपैड पर लिखे बयान छोड़े थे जिसमें लिखा था कि ये हत्या हमने की है."