रविवार, 05 अक्तूबर, 2008 को 13:21 GMT तक के समाचार
वेदिका
मुंबई से बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
अगर सब कुछ ठीक रहा तो क़रीब दो साल के अंदर ही पुणे के नज़दीक लोनावला में दुनिया का सबसे बड़ा रेलवे म्यूज़ियम होगा.
सत्रह एकड़ में फैला यह म्यूज़ियम सिर्फ़ पुरानी चीज़ों को ही नहीं समेटेगा बल्कि रेलवे में समय-समय पर हो रहे बदलावों से भी लोगों को अवगत कराएगा.
मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्रीनिवास मुडगेरिकर ने बताया, "17 एकड़ की यह पूरी ज़मीन रेलवे की है. इस ज़मीन पर फ़िलहाल कुछ जगहों पर लोग रह रहे है. इन निवासियों को दूसरी जगह पर ले जाने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है. इतनी बड़ी जगह पर एक साथ बनने वाला ये दुनिया का सबसे बड़ा म्यूज़ियम होगा."
लेकिन यह सब कुछ इतना आसान नहीं था. इसके लिए जगह ढूँढने की तैयारी पिछले 7-8 वर्षों से चल रही है.
मुडगेरिकर ने बताया, "मध्य रेलवे की महाप्रबंधक सौम्या राघवन की निजी देखरेख के चलते ही यह संभव हो पाया है. इस काम में कोई कमी न रह जाए, इसके लिए एक सलाहकार कंपनी से भी राय ली जाएगी."
लोनावला में म्यूज़ियम बनाने का सबसे बड़ा कारण यह है कि ये जगह पर्यटकों के बीच काफ़ी लोकप्रिय है. पुरानी घडियाँ, प्लेटफार्म बेंच, स्टेशन बेल्स, सिग्नलिंग उपकरण, ट्रैक्स, ट्रेन मॉडल्स इस म्यूज़ियम का हिस्सा होंगे.
पर्यटन को बढ़ावा
इसके अलावा यहाँ पर स्थित होटल को ट्रेन के डिब्बे की तरह बनाने की भी योजना है.
रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निर्देशक (हेरिटेज) राजेश अग्रवाल ने बताया, "इस तरह की चीज़ों से आने वाली पीढ़ी का ज्ञान बढ़ेगा और वे अपने देश की उपलब्धियों को समझ सकेंगे."
इस परियोजना के लिए रेल मंत्रालय से कुल 11.63 करोड़ रूपए मिले है.
इसी वर्ष के अंत यानी दिसंबर से इस काम की शुरूआत होगी और रेलवे के अनुसार दो साल के भीतर इस म्यूज़ियम का निर्माण होने की उम्मीद है.