शनिवार, 04 अक्तूबर, 2008 को 14:21 GMT तक के समाचार
समाजवादी पार्टी ने पिछले महीने दिल्ली के जामिया नगर इलाक़े में हुई पुलिस मुठभेड़ की न्यायिक जाँच की मांग की है.
दिल्ली में 13 सितंबर को हुए सिलसिलेवार धमाकों के बाद ये मुठभेड़ हुई थी.
इस मुठभेड़ में दो लोग मारे गए थे. पुलिस का दावा है कि ये दोनों चरमपंथी थे जिनका दिल्ली बम धमाकों में हाथ था.
समाजवादी पार्टी ने मुठभेड़ की न्यायिक जाँच की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि अगर जाँच से यह साबित हो जाता है कि मारे गए लोग निर्दोष थे, तो पार्टी केंद्र सरकार को समर्थन पर फिर से विचार भी कर सकती है.
मांग
नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में समाजवादी पार्टी के महासचिव अमर सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी इस मुठभेड़ की न्यायिक जाँच चाहती है ताकि इसका सच सामने आ सके.
अमर सिंह ने मांग की कि जब तक इस मामले की न्यायिक जाँच नहीं हो जाती, गृह मंत्री शिवराज पाटिल को नैतिकता के आधार पर इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.
उन्होंने कहा, "हमारी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी को दूर रखने के लिए यूपीए सरकार को समर्थन दिया क्योंकि अल्पसंख्यकों ने हम पर ऐसा दबाव बनाया था. अगर न्यायिक जाँच से यह साबित हो गया कि जामिया मुठभेड़ में मारे गए लोग निर्दोष थे, तो हम समर्थन पर फिर से विचार करेंगे."
दिल्ली में 13 सितंबर को सिलसिलेवार धमाके हुए थे, जिनमें 21 लोग मारे गए थे. इसके बाद 19 सितंबर को जामिया नगर इलाक़े में पुलिस मुठभेड़ में दो लोग मारे गए.
दिल्ली पुलिस का दावा है कि ये लोग इंडियन मुजाहिदीन के चरमपंथी थे. मुठभेड़ के दौरान दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा भी बुरी तरह घायल हो गए थे और बाद में उनकी मौत हो गई थी.
अमर सिंह ने शनिवार को जामिया नगर का दौरा किया. दौरे के बाद उन्होंने मुठभेड़ की न्यायिक जाँच की मांग की.