शुक्रवार, 03 अक्तूबर, 2008 को 05:09 GMT तक के समाचार
संदीप साहू
भुवनेश्वर से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
उड़ीसा के हिंसाग्रस्त कंधमाल ज़िले की सीमा से लगे क्षेत्र में गुरुवार को हिंसा की ताज़ा घटना में 20 से ज़्यादा घरों में आग लगा दी गई.
यह घटना ज़िले की सीमा से सटे बौध ज़िले की है. जानकारी के मुताबिक 20 से 25 घरों में आग लगाने का मामला सामने आया है.
उधर मंगलवार को कंधमाल में भड़की हिंसा में घायल हुए लोगों में से एक और व्यक्ति की गुरुवार को मौत हो गई.
मंगलवार को ज़िले के रुदांगिया गाँव में दो गुटों के बीच हुए सशस्त्र संघर्ष में एक महिला की मौत हो गई थी और कम से कम आठ अन्य लोग घायल हो गए थे.
राज्य सरकार की ओर से प्राप्त जानकारी के मुताबिक पिछले कुछ समय से सांप्रदायिक हिंसा की चपेट में आए राज्य में अबतक 33 लोग मारे जा चुके हैं.
बेनतीजा दावे
राज्य सरकार लगातार दावा कर रही है कि हिंसा को रोकने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं और स्थिति बदली है.
हालांकि हिंसा प्रभावित इलाकों की स्थिति को देखकर ऐसा ही लगता है कि वहाँ प्रशासन के दखल से भी ज़्यादा परिवर्तन नहीं आया है.
हिंसा प्रभावित इलाकों में लगातार पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ाई जा रही है.
इसी दिशा में गुरुवार को केंद्र सरकार की ओर से भेजे गए अर्धसैनिक बलों के 200 और जवान राजधानी भुवनेश्वर पहुँच गए हैं. इन्हें शुक्रवार को कंधमाल पहुँचना है.
प्रभावित इलाकों में पहले से ही 4500 से अधिक तादाद में अर्धसैनिक बल तैनात हैं पर हिंसा की अधिकतर घटनाएं अंदरूनी इलाकों में हो रहीं हैं जहाँ प्रशासन के लिए पहुँच पाना आसान नहीं होता.
हिंसा पर चिंता
राज्य में सांप्रदायिक टकराव के कारण सैकड़ों लोग बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं. कई लोगों के घर जला दिए गए हैं और सैकड़ों लोगों को नुकसान उठाना पड़ा है.
प्रशासन सभी वर्गों के नेताओं और लोगों से हिंसा छोड़ने और शांति बहाली की अपील कर रहा है पर स्थिति अभी भी नियंत्रण में नहीं है.
राज्य में ईसाई और हिंदु संप्रदाय के लोगों के बीच सांप्रदायिक हिंसा की देश और दुनिया के बाकी हिस्सों में भी निंदा हो रही है.
ईसाइयों के धर्मगुरू पोप हिंसा में मारे जा रहे लोगों के प्रति अपना दुख व्यक्त कर चुके हैं. पिछले दिनों प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति सार्कोज़ी ने भी राज्य की हिंसा की आलोचना की.