शुक्रवार, 26 सितंबर, 2008 को 08:54 GMT तक के समाचार
कांग्रेस नेता और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द किए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को नोटिस जारी किया है.
अमरिंदर सिंह को पंजाब विधानसभा की एक विशेष समिति ने अमृतसर में भूमि अधिग्रहण के मामले में अनियमितताओं का दोषी पाया था.
इसके बाद पंजाब विधानसभा ने अमरिंदर सिंह की विधानसभा की सदस्यता रद्द कर दी थी.
अमरिंदर सिंह ने विधानसभा सदस्यता रद्द करने के फ़ैसले को इसी महीने 11 तारीख को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.
इसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट में आया जहाँ शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने अमरिंदर सिंह की ओर से दायर याचिका पर राज्य सरकार और मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को नोटिस जारी किया है.
अमरिंदर सिंह पर अनियमितताओं का यह मामला उस समय का है जब वो राज्य के मुख्यमंत्री थे.
अटर्नी जनरल से सलाह
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एटर्नी जनरल की सलाह भी माँगी है और कहा है कि इसकी सुनवाई अब तीन सदस्यी खंडपीठ करेगी.
अमरिंदर सिंह की ओर से उनपर लगाए गए इन आरोपों का खंडन किया जाता रहा है. उनका कहना है कि अकाली दल-भाजपा गठबंधन की सरकार उनके खिलाफ़ बदले की भावना से ऐसी कार्रवाई कर रही है.
लेकिन पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का कहना है कि यह विधानसभा का सामूहिक फ़ैसला है और इसमें बदले की भावना जैसा कुछ नहीं है.
राज्य सरकार ने इस मामले में विधानसभा की विशेष समिति गठित की थी जिसकी रिपोर्ट में अमरिंदर सिंह के साथ-साथ पूर्व मंत्री चोधरी जगजीत सिंह, दिवंगत पूर्व मंत्री रघुनाथ सहाय पुरी और अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन जुगल किशोर शर्मा को दोषी ठहराया गया था.
विधानसभा की समिति ने अमरिंदर के ख़िलाफ़ लगे आरोपों की सतर्कता विभाग के ज़रिए जाँच कराने की सिफ़ारिश की थी. विधानसभा के प्रस्ताव में सतर्कता विभाग को दो महीने के भीतर अपनी जाँच पूरी करने के लिए कहा गया है.