गुरुवार, 25 सितंबर, 2008 को 09:01 GMT तक के समाचार
संदीप साहू
भुवनेश्वर से बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
उड़ीसा का कंधमाल ज़िला एक बार फिर हिंसा की चपेट में है. बुधवार की रात उग्र भीड़ ने ज़िले में कम से कम 40 घरों और एक गिरजाघर पर हमला किया.
कंधमाल के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी प्रवीन कुमार ने बीबीसी को बताया कि ये ताज़ा हमले कंधमाल ज़िले के टिकाबाली और दरिंगबाड़ी में हुए हैं.
बुधवार दिन में भी शंकाराखोल इलाक़े में कम से कम 20 घरों और तीन गिरजाघरों पर भी हमले किए गए थे.
ताज़ा हमलो का ये दौर उस समय शुरू हुआ जब मंगलवार को ज़िले के रैकिया में पुलिस की गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया.
हिंसा
मंगलवार को प्रदर्शनों के दौरान हिंसा में कुल 35 लोग घायल हुए थे जिसमें 25 पुलिसकर्मी भी शामिल थे.
कंधमाल ज़िले में ताज़ा हमलो की चपेट में आए इलाक़े की ओर जाने वाली सड़कों को दंगाइयों ने जाम कर रखा है जिससे सुरक्षा वलों को वहाँ जाने में परेशानी हो रही है.
मंगलवार को उड़ीसा रैपिड एक्शन फ़ोर्स ने कुछ सड़को को ख़ाली कराया था लेकिन रात में इन सड़को को एक बार फिर से जाम कर दिया गया है. इससे सुरक्षा बलों को वहाँ जाने में मुश्किल हो रही है.
उड़ीसा संप्रदायिक तौर पर संवेदनशील प्रदेश है और यहाँ ईसाइयों पर पहले भी हमले होते रहे हैं.
22 जनवरी 1999 को ऑस्ट्रेलियाई ईसाई मिशनरी ग्राहम स्टेंस और उनके दो बेटों के आग में झुलसे हुए शव क्योंझर के मनोहपुर गाँव में उनकी जीप में पाए गए थे.