गुरुवार, 25 सितंबर, 2008 को 04:40 GMT तक के समाचार
भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान बुधवार को पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी से मुलाक़ात की.
मुलाक़ात के बाद दोनों देशों की ओर से जारी किए गए एक संयुक्त बयान में कहा गया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच विदेश सचिव स्तर की बातचीत अगले तीन महीनों में होगी.
अभी तक दोनों पक्षों के बीच बातचीत के चार दौर पूरे हो चुके हैं और अब पाँचवें दौर की बातचीत पर सहमति बनी है. दोनों नेताओं ने अबतक चार दौर की बातचीत के नतीज़ों पर भी चर्चा की.
यह भी तय हुआ कि आतंकवाद पर रोक लगाने के मकसद से दोनों देशों के बीच एक संयुक्त आतंकवाद निरोधक कार्यक्रम पर इस वर्ष अक्टूबर महीने में काम किया जाएगा.
इस दौरान अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में भारतीय दूतावास पर हुए हमले की भी चर्चा होगी.
संयुक्त बयान में कहा गया है कि दोनों देशों के योजना आयोग एक दूसरे से संपर्क बनाए रखेंगे ताकि विकासकार्यों में एक दूसरे का सहयोग किया जा सके. इसमें ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की भी बात कही गई है.
दोनों देशों ने स्वीकारा की सीमा पर चल रहा संघर्षविराम क़ायम और स्थिर रहना चाहिए. इसके लिए यह भी तय किया गया कि सेक्टर कमांडर स्तर के अधिकारी इस बाबत एक-दूसरे के संपर्क में रहेंगे ताकि किसी ओर से संघर्षविराम का उल्लंघन न हो.
अहम घोषणाएं
दोनों ओर से व्यापार, आर्थिक सहयोग, संपर्क और द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत बनाने की दिशा में कुछ अहम घोषणाएं की गईं.
ये पहला मौक़ा था जब दोनों नेताओं की मुलाक़ात हुई है. मुलाक़ात के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आसिफ़ अली ज़रदारी को पाकिस्तान का राष्ट्रपति चुने जाने की बधाई भी दी.
मनमोहन सिंह ने बुधवार को ही चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ से मुलाक़ात की.
मनमोहन सिंह की चीन के प्रधानमंत्री से मुलाक़ात को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि ये परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह से मिली विशेष छूट के तुरंत बाद हुई है.
मनमोहन सिंह गुरुवार को राष्ट्रपति बुश से वाशिंगटन में उनके ओवल दफ़्तर में मुलाक़ात करेंगे.
ये मुलाक़ात ऐसे समय हो रही है जब भारत-अमरीका परमाणु समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अमरीकी कांग्रेस को मंज़ूरी देनी है और उसे लेकर अब भी अनिश्चितता कायम है.