गुरुवार, 25 सितंबर, 2008 को 09:47 GMT तक के समाचार
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ परमाणु ऊर्जा के घरेलू इस्तेमाल में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं.
दोनों नेताओं ने बुधवार को बातचीत के दौरान भारत और चीन के बीच सीमा विवाद के हल में हो रही प्रगति पर भी संतोष व्यक्त किया.
मनमोहन सिंह और वेन जियाबाओ संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिए इस समय न्यूय़ॉर्क में हैं. दोनों नेताओं के बीच लगभग एक घंटे तक बातचीत हुई.
दोनों नेताओं के बीच ये बातचीत ऐसे समय पर हुई है जब पिछले दिनों भारत ने न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (एनएसजी) की बैठक के दौरान चीन की भूमिका पर सवाल उठाए थे.
हालाँकि भारतीय विदेश सचिव शिवशंकर मेनन स्पष्ट किया कि भारत एनएसजी में चीन के असहयोग के सवाल को नहीं उठाएगा.
विदेश सचिव शिवशंकर मेनन ने बताया कि बातचीत के दौरान दोनों नेता परमाणु ऊर्जा के घरेलू इस्तेमाल में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं.
'जटिल मुद्दा'
मेनन ने कहा, "दोनों नेताओं के बीच सीमा विवाद पर भी बातचीत हुई और उन्होंने सीमा विवाद को एक 'जटिल' मुद्दा माना है."
मेनन की अनुसार वेन जियाबाओ ने सीमा विवाद पर चल रही बातचीत में प्रगति पर संतोष ज़ाहिर किया.
पिछले दिनों दोनों देशो के बीच सीमा विवाद पर विशेष प्रतिनिधि स्तर की बातचीत हुई थी. 12वें दौर की इस बातचीत के बाद चीन ने 19 सितंबर को कहा था कि सीमा विवाद पर कोई विशेष सहमति नहीं बन पाई है.
भारत और चीन के बीच सीमा विवाद आपसी संबंधों में रूकावट रहे हैं. भारत का कहना है कि चीन ने ग़ैरक़नूनी तरीक़े से भातर की ज़मीन पर क़ब्ज़ा जमा रखा है.
जबकि चीन भी भारत पर इसी तरह का आरोप लगाता है. दोनो देशो ने 2010 तक द्विपक्षीय व्यापार को छह करोड़ डॉलर तक पहुँचाने पर भी विश्वास जताया है.
विदेश सचिव के अनुसार बातचीत में पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति पर भी चर्चा हुई.