बुधवार, 24 सितंबर, 2008 को 05:11 GMT तक के समाचार
संदीप साहू
भुवनेश्वर से
उड़ीसा के कंधमाल ज़िले से एक बार फिर हिंसा की ख़बरें आ रही हैं. इस बार पुलिस गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई है.
जानकारी के मुताबिक मंगलवार को दोपहर बाद ज़िले के रैकिया इलाके में उग्र भीड़ पर पुलिस ने गोली चलाई जिसमें एक व्यक्ति मारा गया और एक अन्य घायल है.
तक़रीबन 500 लोगों की इस भीड़ में अधिकतर प्रदर्शनकारी महिलाएं थीं. इस भीड़ ने रैकिया में प्रदर्शन के दौरान पुलिस थाने पर हमला किया.
ये लोग सोमवार को हिरासत में लिए गए दो लोगों को तत्काल रिहा किए जाने की माँग कर रहे थे. ज़िले में पिछले दिनों ईसाई संप्रदाय के धार्मिक स्थलों को निशाना बनाए जाने के सिलसिले में ये गिरफ़्तारी हुई थी.
इन गिरफ़्तारियों के विरोध में महिलाओं के इस समूह ने थाने पर पथराव शुरू कर दिया. पुलिस का कहना है कि भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिशें नाकाम रहने पर उन्हें गोली चलानी पड़ी.
गोलीबारी में एक 60 वर्षीय वृद्ध बामदेव प्रधान की मौत हो गई जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया है.
मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान हिंसा में कुल 35 लोगों के घायल होने की ख़बर है. इनमें से 25 पुलिसकर्मी हैं.
घटना के बाद से अभी तक इलाके में काफी तनाव बना हुआ है. इस स्थिति को देखते हुए वहाँ अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है.
धर्मांतरण का आरोप
उधर एक अन्य मामले में बालासोर ज़िले में कुछ ग्रामीणों ने तीन मिशनरियों और उनके तीन सहयोगियों को घंटों अपने कब्ज़े में रखा औऱ फिर उनके ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज करा दी है.
गांववालों का आरोप है कि स्वास्थ्य शिविर की आंड़ में ये लोग गांववालों की प्रलोभन देकर ईसाई बनाने का प्रयास कर रहे थे.
बाद में प्रशासन ने इन लोगों को गांववालों के कब्ज़े से रिहा कराया औऱ पूछताछ के लिए ज़िला मुख्यालय भेज दिया.
प्रशासन ने इन लोगों को गिरफ़्तार किए जाने की ख़बरों का खंडन किया है.
ग़ौरतलब है कि मिशनरियों के सहयोगियों में एक हिंदू और एक मुसलमान डाक्टर शामिल हैं.