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सोमवार, 22 सितंबर, 2008 को 20:03 GMT तक के समाचार

सुबीर भौमिक
बीबीसी संवाददाता, कोलकाता

टाटा ने परियोजना समेटनी शुरू की

टाटा ने अपनी नैनो कार परियोजना को पश्चिम बंगाल के सिंगुर इलाक़े से स्थानांतरित करना शुरू कर दिया है.

बीबीसी को मिली जानकारी के अनुसार तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी के फिर से आंदोलन की धमकी के बाद टाटा ने नैनो के उत्पादन सुविधाएं चुपचाप इस स्थान से स्थानांतरित करना शुरू कर दी हैं.

टाटा के एक आला सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया,'' शुरुआत में रात में स्थानांतरण का काम चल रहा था लेकिन पिछले कुछ दिनों से दिन में भी कुछ सामान हटाया जा रहा है.''

रविवार को ममता बनर्जी ने घोषणा की थी कि किसानों को परियोजना से उनकी 300 एकड़ ज़मीन वापस कर दी जाए, अन्यथा दुर्गा पूजा के बाद आंदोलन छेड़ा जाएगा.

ग़ौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी की मध्यस्थता में राज्य सरकार और ममता के बीच सिंगुर मुद्दे के हल के लिए समझौता हो गया था लेकिन बाद में दोनों पक्ष फिर पुराने रुख़ पर कायम हो गए.

टाटा ने पहले ही घोषणा कर रखी है कि वो तब तक काम शुरु नहीं करेंगे जब तक मामला पूरी तरह से सुलझ नहीं जाता.

गतिरोध कायम

इसके पहले पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने ममता बनर्जी के सामने प्रस्ताव रखा था कि सरकार नैनो परियोजना वाले क्षेत्र में किसानों को 70 एकड़ ज़मीन लौटा सकती है और शेष किसानों को सिंगुर के आसपास ज़मीन दे दी जाएगी.

लेकिन ममता बनर्जी का कहना है कि किसानों को परियोजना क्षेत्र में ही तीन सौ एकड़ ज़मीन लौटानी चाहिए.

टाटा की नैनो परियोजना के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने 997 एकड़ ज़मीन का अधिग्रहण किया था.

टाटा का कहना है कि 645 एकड़ तो कार परियोजना के लिए चाहिए और 290 एकड़ सहायक उद्योगों के लिए ज़रूरी है.

कंपनी का तर्क है कि कार की क़ीमत कम रखने के लिए ज़रूरी है कि यह एकीकृत परियोजना हो और सहायक उद्योग भी मुख्य उद्योग के पास ही लगें.