शनिवार, 20 सितंबर, 2008 को 07:44 GMT तक के समाचार
पाणिनी आनंद
बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
दिल्ली के जामिया नगर में चरमपंथियों के साथ मुठभेड़ में मारे गए दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा का शनिवार को अंतिम संस्कार किया गया.
दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने बम धमाकों के सिलसिले में अहम सुराग़ हाथ लगने का दावा किया है.
दिल्ली पुलिस के राष्ट्रपति पदक से सम्मानित हो चुके इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा का अंतिम संस्कार निगमबोध घाट पर राजकीय सम्मान के साथ किया गया.
शनिवार की सुबह अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिया गया था. राजनीतिक हस्तियों, वरिष्ठ अधिकारियों और सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार हुआ.
वो लगभग 19 साल से दिल्ली पुलिस में थे और शुक्रवार को हुई मुठभेड़ में गोलियां लगने से घायल हो गए थे. बाद में होली फैमली अस्पताल में उनका निधन हो गया था.
वो मुठभेड़ विशेषज्ञ के रूप में जाने जाते थे और उन्हें बहादुरी के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया था.
मोहन चंद शर्मा अपने पीछे परिवार में बुज़ुर्ग माता-पिता के अलावा पत्नी, एक बेटी और एक बेटा छोड़ गए हैं.
अहम जानकारी
दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि दिल्ली में हुई मुठभेड़ में मारे गए दो संदिग्ध चरमपंथियों में से एक आतिफ़ इंडियन मुजाहिदीन का मुख्य नेता था.
दिल्ली के पुलिस आयुक्त वाईएस डडवाल ने पत्रकारों के बताया, " मुठभेड़ में मारा गया आतिफ़ उर्फ़ बशीर इंडियन मुजाहिदीन का नेता था और देश के विभिन्न हिस्सों में हुए धमाकों में उसका हाथ था. मुठभेड़ में उसका साथी साजिद भी मारा गया है."
उन्होंने बताया कि दोनों उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ ज़िले के रहने वाले थे.
पिछले कुछ महीनों में देश के विभिन्न हिस्सों में हुए धमाकों की ज़िम्मेदारी इंडियन मुजाहिदीन लेता रहा है.
उन्होंने कहा कि मुठभेड़ के दौरान दो संदिग्ध चरमपंथी भागने में कामयाब रहे जबकि एक मोहम्मद सैफ़ को गिरफ़्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है.
पुलिस आयुक्त के मुताबिक दिल्ली, अहमदाबाद, जयपुर और हैदराबाद में हुए बम धमाकों में आतिफ़ शामिल था.
ग़ौरतलब है कि शुक्रवार को मुस्लिम बहुल जामिया नगर इलाक़े में हुई मुठभेड़ में तीन लोग मारे गए जिनमें पुलिस इंस्पेक्टर महेश चंद्र शर्मा शामिल थे.
अब भी भारी संख्या में पुलिसकर्मी इस इलाक़े में तैनात है.