शुक्रवार, 19 सितंबर, 2008 को 17:27 GMT तक के समाचार
पाणिनी आनंद
बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
पुलिस का कहना है कि दिल्ली में हुई मुठभेड़ में मारे गए दो संदिग्ध चरमपंथियों में से एक आतिफ़ इंडियन मुजाहिदीन का मुख्य नेता था.
शुक्रवार को जामिया नगर इलाक़े में हुई इस मुठभेड़ में बुरी तरह घायल दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर एमसी शर्मा की अस्पताल में इलाज़ के दौरान मृत्यु हो गई जबकि एक जख़्मी हेड कांस्टेबल का इलाज़ अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में चल रहा है.
दिल्ली के पुलिस कमिश्नर वाईएस ढडवाल ने पत्रकारों के बताया, "मुठभेड़ में मारा गया आतिफ़ उर्फ़ बशीर इंडियन मुजाहिदीन का अग्रणी नेता था और देश के विभिन्न हिस्सों में हुए धमाकों में उसका हाथ था. मुठभेड़ में उसका साथी साजिद भी मारा गया है."
उन्होंने बताया कि दोनों उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ ज़िले के रहने वाले थे.
पिछले कुछ महीनों में देश के विभिन्न हिस्सों में हुए धमाकों की ज़िम्मेदारी इंडियन मुजाहिदीन लेता रहा है.
उन्होंने कहा कि मुठभेड़ के दौरान दो संदिग्ध चरमपंथी भागने में कामयाब रहे जबकि एक मोहम्मद सैफ़ को गिरफ़्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है.
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक दिल्ली, अहमदाबाद, जयपुर और हैदराबाद में हुए बम धमाकों में आतिफ़ शामिल था.
'धमाकों में हाथ'
26 जुलाई को अहमदाबाद में हुए धमाकों के बारे में वाईएस ढडवाल का कहना था, "हमें जो सूचना मिली है उसके मुताबिक 24 जुलाई को आतिफ़ यहाँ से अहमदाबाद रवाना हुआ और धमाकों को अंजाम देने के बाद 27 जुलाई को लगभग 12 लोगों के साथ वापस लौटा. वह जयपुर में हुए धमाकों के दौरान वहीं मौजूद था."
अहमदाबाद में हुए धमाकों में 49 लोग मारे गए थे और 150 से ज़्यादा घायल हुए थे जबकि जयपुर में इसी वर्ष 13 मई को हुए धमाकों में 63 लोगों की जानें गईं थीं.
हालाँकि दिल्ली के पुलिस कमिश्नर ने इस ख़बर का खंडन किया कि अहमदाबाद धमाकों के अभियुक्त मुफ़्ती अबुल बशर से मिली सूचना या गुजरात पुलिस की सूचना के आधार पर मुठभेड़ हुई.
उनका कहना था, "दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जो जानकारियाँ जुटाई थी उसी के आधार पर ये कार्रवाई की गई."
मुठभेड़
पुलिस को मुठभेड़ स्थल से एक एक-47 राइफ़ल, एक विदेशी पिस्तौल और कुछ गोला-बारूद घटनास्थल से मिला है.
उनका कहना था, "इस मुठभेड़ को दिल्ली पुलिस की विशेष टीम ने ख़ुफ़िया जानकारियों के आधार पर अंजाम दिया. संदिग्ध चरमपंथियों की ओर से आठ और पुलिस की ओर से 22 राउंड फ़ायरिंग हुई. इन संदिग्ध लोगों के तार दिल्ली धमाकों के मुख्य अभियुक्त तौक़ीर से जुड़े हुए थे और एक टीम बनाकर अहमदाबाद और दिल्ली में धमाके करने की योजनाएँ बना रहे थे."
सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील माने जाने वाले मुस्लिम बहुल जामिया नगर इलाक़े में तनाव फैल गया है. पुलिस ने पूरे इलाक़े को घेर रखा है और उसके अनुसार जाँच और तलाशी अभियान जारी है.
पूरा ऑपरेशन रिहायशी इलाक़े की एक गली में ख़लीलुल्लाह मस्जिद के सामने स्थित एक चार मंज़िला इमारत की ऊपरी मंज़िल को निशाना बनाकर हुआ. अब भी भारी संख्या में पुलिसकर्मियों ने घटनास्थल को घेर रखा है और वहाँ मुठभेड़ के समय अनेक लोग जमा हो गए थे.