गुरुवार, 18 सितंबर, 2008 को 12:10 GMT तक के समाचार
सुबीर भौमिक
बीबीसी संवाददाता
असम में चिरांग ज़िले के बिजनी शहर में हुए बम धमाके में कम से कम 22 लोग घायल हुए हैं. घायलों में कई की हालत गंभीर बनी हुई है.
पुलिस के मुताबिक़ बम एक साइकिल पर बाँधा गया था. धमाका बिजनी शहर में सर्किल ऑफ़िस के बाहर हुआ. बिजनी के एक निवासी अलाम ख़ान ने बताया, "बड़े ज़ोर का धमाका हुआ, जिससे शहर हिल गया."
डॉक्टरों ने बताया है कि घायलों में कई की हालत नाज़ुक बनी हुई है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुँच गए हैं.
चिरांग ज़िले के पुलिस अधीक्षक अर्णब डेका ने बीबीसी को बताया कि उन्हें इस धमाके में यूनाइटेड लिबरेशन फ़्रंट ऑफ़ असम (उल्फ़ा) का हाथ लगता है.
उन्होंने बताया, "सोमवार को हमने कुछ स्थानीय लोगों को पकड़ा था, जिनका संपर्क उल्फ़ा से था. उन्होंने बताया था कि विद्रोही धमाके की योजना बना रहे हैं."
निशाना
असम में ज़्यादातर धमाकों के लिए उल्फ़ा को ज़िम्मेदार ठहराया जाता रहा है. इन कई धमाकों में 'आम नागरिकों' को निशाना बनाया गया है.
हालाँकि पिछले तीन महीनों से उल्फ़ा की गतिविधि कम रही है. इस दौरान उल्फ़ा के कई विद्रोहियों ने हथियार डाले हैं. बड़ी संख्या में विद्रोही सेना के साथ मुठभेड़ में मारे भी गए हैं.
दूसरी ओर ख़ुफ़िया अधिकारियों ने इस संभावना से भी इनकार नहीं किया है कि गुरुवार को हुए धमाके में असम में सक्रिय छोटे इस्लामी चरमपंथियों का हाथ हो.
अपना नाम ज़ाहिर न करने की शर्त पर एक ख़ुफ़िया अधिकारी ने बताया, "आम तौर पर उल्फ़ा इससे ज़्यादा शक्तिशाली बमों का इस्तेमाल करता है."
उन्होंने बताया कि पिछले साल हुए दो छोटे धमाकों के पीछे इस्लामी चरमपंथी गुट मुस्लिम यूनाइटेड लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ असम (एमयूएलटीए) ज़िम्मेदार था.