बुधवार, 17 सितंबर, 2008 को 19:52 GMT तक के समाचार
केंद्रीय मंत्रिमंडल की बुधवार को सुरक्षा मामलों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई जिसमें सुरक्षा स्थिति से निपटने के लिए गृह मंत्रालय द्वारा सुझाए गए उपायों को मान लिया गया है.
क़रीब दो घंटे चली बैठक में गृह मंत्री शिवराज पाटिल समेत कैबिनेट के सभी वरिष्ठ सहयोगी शामिल थे.
बैठक के बाद विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने संवाददाताओं से बस इतना ही कहा कि कैबिनेट ने गृह मंत्रालय द्वारा सुझाए गए क़दमों को मान लिया है.
उनका कहना था, ' गृह मंत्री ने सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की और कुछ उपाय सुझाए हैं जिन्हें कैबिनेट ने मान लिया है.'
अभी ये साफ़ नहीं है कि गृह मंत्रालय ने क्या सुझाव दिए हैं.
विभिन्न समाचार माध्यमों पर इस संबंध में अलग अलग ख़बरें आ रही हैं.
कुछ अख़बारों के अनुसार कैबिनेट में राजधानी दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के लिए 17000 पुलिसकर्मियों की भर्ती के साथ साथ कई और उपायों को हरी झंडी दे दी है.
इसके तहत राजधानी में 11 नए पुलिस थाने बनेंगे, 113 नई गाड़ियां खरीदी जाएंगी, 58 बाज़ारों में सीसीटीवी कैमरे लगें और दिल्ली के आसपास 27 अतिरिक्त चेकपोस्ट बनाए जाएंगे.
अभी ये भी स्पष्ट नहीं है कि सरकार ने आतंकवाद से निपटने के लिए नए क़ानूनी प्रावधानों के बारे में चर्चा की है या नहीं.
आतंकवाद पर नरम नहीं
इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि उनकी सरकार आतंकवाद से लड़ने के मामले में नरम नहीं है.
बुधवार को राज्यपालों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा, "आतंकवाद से लड़ने में सरकार के नरम रुख़ अपनाने का सवाल ही नहीं उठता."
उन्होंने कहा, "हमारे पास ऐसी ख़बर है कि पाकिस्तान स्थित कुछ आंतकवादी संगठन लगातार भारत में नए तरीके से अपने पाँव पसारने की कोशिश में हैं."
प्रधानमंत्री ने कहा कि जयपुर, बंगलौर, अहमदाबाद, सूरत और दिल्ली में हुए बम धमाकों को देखते हुए खुफ़िया तंत्रों की कमियों को
दूर करने की ज़रुरत है.