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सोमवार, 15 सितंबर, 2008 को 17:28 GMT तक के समाचार

पाणिनी आनंद
बीबीसी संवाददाता, दिल्ली

'आतंकवाद पर ज़ीरो टॉलरेंस की नीति'

प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा है कि आतंकवाद के मसले पर ज़ीरो टॉलरेंस से कम कुछ भी स्वीकार्य नहीं है.

उन्होंने कहा कि आंतकवाद के मसले पर किसी भी तरह की ढील, छूट नहीं दी जानी चाहिए और इन हमलों के क्रम का अंत होना चाहिए, ऐसा संकल्प देश की सरकार को करना होगा.

सोमवार को राम मनोहर लोहिया अस्पताल में घायलों से मिलने पहुँचे पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने सोमवार को घायलों से मिलने का स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि धमाकों के दिन बंगलौर में पार्टी कार्यकारिणी की बैठक चल रही थी.

उन्होंने कहा कि 1980 के दशक से ही लगातार ऐसा हुआ है कि आतंकी हमलों में आम लोग हताहत हुए हैं और वो लोगों से मिलने अस्पतालों में गए हैं.

अस्सी के दशक में पंजाब की स्थिति को याद करते हुए आडवाणी ने 13 सितंबर को दिल्ली में हुए हमलों की घोर निंदा करते हुए कहा कि इस क्रम को तुरंत रोका जाना चाहिए और इसके लिए देश की सरकार और जनता दोनों ही संकल्पित हों.

उन्होंने कहा, "दुनियाभर के जेहादियों के लिए अमरीका सबसे बड़ा दुश्मन है पर इस बात पर ग़ौर करने की ज़रूरत है कि अमरीका में 11 सितंबर, 2001 के हमले के बाद से कोई आतंकी हमला नहीं हुआ है जबकि भारत में एक के बाद एक आतंकवादी हमले होते जा रहे हैं. अमरीका में हमले फिर क्यों नहीं हो सके, इसके बारे में सोचना चाहिए."

उन्होंने कहा कि यह चिंताजनक है कि भारत में आतंकवादी खुलेआम, पहले से धमकियाँ दे-देकर, चुनौतियाँ देकर हमले कर रहे हैं. इस बारे में अधिकारियों और सरकार को सोचना चाहिए कि कहीं तो इसपर रोक लगे. कभी तो हम इसे रोकें. केवल हमलों के बाद जाँच का काम करने भर से नहीं चलेगा.

उन्होंने कहा, "कभी तो ऐसा तय हो कि लगे कि हम बर्दाश्त नहीं करेंगे. जिस तरह से बेगुनाह लोगों की मौत का क्रम चल रहा है, इनमें कई महिलाएं हैं, सभी धर्म के लोग हैं. इसे रोकना होगा."

आडवाणी ने चरमपंथ से निपटने के लिए क़ानून को मज़बूत बनाने की ओर इशारा करते हुए कहा, "आतंकवाद के मुद्दे पर बस एक ही नीति होनी चाहिए और वो होनी चाहिए ज़ीरो परसेंट टॉलरेंस की."

हालांकि पूर्व गृहमंत्री पत्रकारों के किसी सवाल का जवाब देने के लिए नहीं रुके. अपनी बात कहकर वो पत्रकारों के सवालों का जवाब दिए बिना चले गए. आडवाणी ने अस्पताल में लगभग एक घंटे का वक्त अस्पताल में बिताया.