शनिवार, 13 सितंबर, 2008 को 16:12 GMT तक के समाचार
जय कुमार
प्रिंस पान स्टोर के मालिक, एम ब्लॉक, ग्रेटर कैलाश-1
शनिवार की शाम थी. हमारे ग्रेटर कैलाश पार्ट-1 के एम ब्लॉक मार्किट की दुकानें सज रही थी.
शनिवार को दिल्ली के इस पॉश इलाके के बाज़ार में ख़ासी भीड़ होती है. लोगों का आना भी शुरू हो चुका था.
अभी भीड़ बढ़ना शुरू ही हुई थी और सूरज कुछ छुपने के लिए तैयार हो रहा था कि तभी मेरी दुकान से कुछ फ़ासले पर एक ज़ोरदार धमाके की आवाज़ आई.
उस वक्त क़रीब छह बजकर पंद्रह मिनट पर पहला धमाका हुआ. हमें लगा कि किसी गाड़ी में या सिलेंडर में धमाका हुआ है.
इसके बाद कुछ अफ़रा-तफ़री सी मच गई. कुछ लोग यह देखने के लिए लपके कि किस वजह से धमाका हुआ है.
धमाका होने के कुछ ही देर बल्कि 10-15 मिनट के अंतराल पर ही एक और धमाका हुआ.
दूसरा धमाका, और...
यह धमाका ठीक मेरी दुकान के पास हुआ. अब लोगों में और ज़्यादा बेचैनी बढ़ गई और बाज़ार में भगदड़ मच गई.
देखते ही देखते चारों ओर के रास्ते खाली हो गए. इन धमाकों ने हमें हिलाकर रख दिया.
मैंने देखा कि कुछ लोग भाग रहे थे, उनकी पीठ पर कांच घंस गए थे. कुछ लोग भीड़ में भागते समय भी घायल हो गए थे.
एक महिला भी भगदड़ के दौरान गिरी हुई नज़र आईं और उन्हें भी कुछ चोट आई. इतनी ही गनीमत थी कि किसी को भी इन धमाकों की वजह से सीधी चोट नहीं लगी थी.
धमाका इतना तेज़ था कि यहाँ से आधे किलोमीटर दूर बी ब्लॉक के लोगों को भी इन धमाकों की आवाज़ सुनाई दी.
किसी की जान नहीं गई. कुछ लोग घायल हुए हैं. कुछ दुकानों को नुकसान हुआ है और कई दुकानों के शीशे टूट कर बिखर गए हैं.
(बीबीसी संवाददाता पाणिनी आनंद से बातचीत पर आधारित)