शनिवार, 13 सितंबर, 2008 को 06:30 GMT तक के समाचार
केंद्र में सत्तारूढ़ यूपीए गठबंधन का नेतृत्व कर रही कांग्रेस पार्टी की कार्यसमिति की एक अहम बैठक शनिवार को दिल्ली में हो रही है.
आने वाले दिनों में कुछ राज्यों के विधानसभा चुनाव और केंद्र के लोकसभा चुनावों की रणनीति पर इस बैठक में प्रमुखता से चर्चा होने की संभावना है.
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक ऐसे समय में हो रही है जब बंगलौर में प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की तीन दिनों की बैठक शुक्रवार को शुरू हो चुकी है.
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में आगामी चुनावों में पार्टी की रणनीति की तो चर्चा होगी ही, साथ ही संभावित गठबंधनों पर भी विचार किया जाएगा.
आमतौर पर पार्टी चुनावों से पहले चिंतन शिविरों का आयोजन कर अपनी रूपरेखा बनाती रही है पर इस बार समय कम के चलते कार्यसमिति की अतिरिक्त बैठक बुलाई गई है और इसी में अहम निर्णय लिए जाने हैं.
जहाँ पार्टी के सामने महंगाई की बढ़ती दर और आर्थिक नीतियों को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट करना एक बड़ी चुनौती है वहीं अपनी उपलब्धियों का प्रचार लोगों के बीच करना भी अहम हो गया है.
प्रचार पर ज़ोर
ऐसे में इन मुद्दों पर कांग्रेस कार्यसमिति अहम फैसले ले सकती है ताकि आने वाले चुनावों में पार्टी का रास्ता आसान बनाया जा सके.
कार्यसमिति में चर्चा का विषय भारत-अमरीका के बीच परमाणु क़रार भी होगा. जहाँ पार्टी इसका श्रेय लेना चाहेगी वहीं विपक्ष के वारों का जवाब भी खोजने और अपना मज़बूत पक्ष लोगों तक पहुँचाने के पहलू पर विचार करेगी.
ग़ौरतलब है कि इसी वर्ष नवंबर या दिसंबर महीनों में देश के छह राज्यों- मिज़ोरम, दिल्ली, मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव होने हैं.
पिछले कुछ राज्यों के चुनावों में करारी हार का सामना कर चुकी कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनावों में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेगी क्योंकि ये चुनाव केंद्र के अगले वर्ष होने वाले चुनाव के मद्देनज़र भी अहम हैं.