http://www.bbcchindi.com

शुक्रवार, 12 सितंबर, 2008 को 10:07 GMT तक के समाचार

सुबीर भौमिक
बीबीसी पूर्वोत्तर राज्य संवाददाता

यूरेनियम चोरी मामले में आत्मसमर्पण

पूर्वोत्तर राज्य मेघालय में यूरेनियम चोरी करने के मामले में एक व्यक्ति ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है.

जॉन खोंगमिन नामक इस व्यक्ति को पुलिस यूरेनियम चोरी के सिलसिले में तलाश रही थी.

ऐसे समय में जब भारत, अमरीका के साथ असैन्य परमाणु समझौता कर रहा है और पूरी दुनिया को आश्वासन दे रहा है कि वह परमाणु तकनीक और पदार्थों के अप्रसार के लिए प्रतिबद्ध है, यूरेनियम चोरी की ख़बर उसे चिंता में डाल सकती है.

जॉन खोंगमिन के पिता भारत के परमाणु खनिज विभाग में काम कर रहे हैं.

पश्चिम खासी हिल्स ज़िले के पुलिस अधीक्षक एम खकरांग ने बताया, "चूँकि जॉन के पिता परमाणु खनिज विभाग के कर्मचारी हैं, हमें संदेह हैं कि वह इस चोरी का सरगना हो सकता है. हम यह भी पता लगा रहे हैं कि इस चोरी में कोई भीतरी आदमी तो लिप्त नहीं है."

परमाणु खनिज विभाग मेघालय में मौजूद यूरेनियम खदानों की देखभाल करता है.

इससे पहले पुलिस ने खदान से यूरेनियम चोरी करने के आरोप में पाँच लोगों को गिरफ़्तार किया था. इन लोगों के पास से अपरिष्कृत यूरेनियम का एक पैकट मिला था.

खकरांग ने बताया, "हम पता लगा रहे हैं कि कहीं इन लोगों ने और यूरेनियम की चोरी तो नहीं की. हम पता लगा रहे हैं कि वे इसे कहाँ बेचने वाले थे."

जाँच बाकी

पुलिस का कहना है कि वे अभी पक्के तौर पर नहीं कह सकते हैं इस सिलसिले में गिरफ़्तार किए गए लोग किसी अंतरराष्ट्रीय गिरोह का हिस्सा हैं या महज़ मामूली चोर जो कुछ पैसा कमाना चाह रहे थे.

यूरेनियम की बरामदगी सोमवार को मैरंग गाँव से हुई थी. ग़िरफ़्तार किए गए लोगों में इस गाँव का प्रधान भी शामिल है. जॉन खोंगमिन एक जनजाति समुदाय से ताल्लुक रखता है.

यूरेनियम एक रेडियोएक्टिव पदार्थ है और परमाणु हथियार बनाने के लिए इसका उपयोग होता है. हालांकि हथियार बनाने के लिए इसे परिष्करण की जटिल प्रक्रिया से गुज़रना पड़ता है.

मेघालय में यूरेनियम के खदानों का पता 1990 के दशक के शुरुआत में लगा था लेकिन स्थानीय आदिवासियों के विरोध के चलते सरकार अभी तक इसका खनन शुरु नहीं कर सकी है.

यूरेनियम चोरी के सिलसिले में पुलिस पहले भी मेघालय में कुछ लोगों को ग़िरफ़्तार कर चुकी है.