गुरुवार, 11 सितंबर, 2008 को 10:01 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के सूबा सरहद में सेना का कहना है कि सुरक्षा बलों और चरमपंथियों के बीच झड़पों में कम से कम 20 चरमपंथी और सुरक्षा बलों के चार जवान मारे गए हैं.
बुधवार को ये झड़पें पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान सीमा के पास पाकिस्तान के बाजौड़ इलाक़े में हुईं जब सुरक्षा बलों ने चरमपंथियों के गढ़ समझे जाने वाले इस क़बायली इलाक़े के एक गांव रशकाइ पर धावा बोल दिया.
ताज़ा कार्रवाई पर सुरक्षा बलों का कहना है कि पूरे गाँव को दोबारा घेर लिया गया है लेकिन ख़बरे मिली हैं कि कुछ स्थानों पर विरोध अभी भी जारी है.
इस इलाक़े में तालेबान और सुरक्षा बलो के बीच झड़पें अगस्त महीने में उस वक़्त से हो रही हैं जब सुरक्षा बलों ने सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण लोई सेम गाँव में एक चौकी स्थापित करने की कोशिश की थी.
ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान की सीमा पर बाजौड़ संदिग्ध अल क़ायदा लड़ाकों का एक मुख्य अड्डा माना जाता है और वहाँ 2006 से अब तक कई संदिग्ध अमरीकी मिसाइल हमले हुए हैं.
'रमज़ान का ख़्याल'
सरकार के मुताबिक़ पवित्र रमज़ान को देखते हुए इस महीने की शुरुआत में सुरक्षा बलों ने बाजौड़ में तालेबान के खिलाफ़ आपनी कार्रवाई स्थगित कर दी थी.
तालेबान के प्रवक्ता मौलवी उमर ने सरकार के इस फ़ैसले का स्वागत किया था लेकिन उनका कहना था कि चरमपंथी हथियार नहीं डालेंगे. उधर सरकार ने कहा है कि यदि चरमपंथी हमले करते हैं तो जवाबी कार्रवाई होगी.
सेना के प्रवक्ता मेजर मुराद ख़ान ने बीबीसी को बताया कि लोई सेम के नज़दीक चरमपंथियो ने घात लगाकर हमला किया जिसमें सुरक्षा बलो के चार जवान मारे गए हैं. उनका कहना था कि इस झड़प में तालेबान के 20 चरमपंथी भी मारे गए हैं.
लेकिन तालेबान के प्रवक्ता मौलवी उमर ने बीबीसी उर्दू से बातचीत करते हुए दावा किया है कि सुरक्षा बलों के कम से कम 24 जवान मारे गए हैं.
प्रशासन के मुताबिक़ पिछले महीने की झड़पों के दौरान 560 चरमपंथी मारे गए हैं जबकि लगभग तीन लाख आम नागरिक लड़ाई से बचने के लिए इलाक़े छोड़कर चले गए हैं.