बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया को जेल से रिहा कर दिया गया है. उन्हें पिछले साल भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था.
हाईकोर्ट ने उनकी ज़मानत की अर्जी मंज़ूर कर ली. हालांकि सरकार ने इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है.
बांग्लादेश के सैनिक शासन ने ख़ालिदा ज़िया को जबरन वसूली और भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ़्तार किया था.
उनके वकील का कहना है कि ये रिहाई महत्वपूर्ण है क्योंकि ख़ालिदा ज़िया की पार्टी दिसंबर में होनेवाले चुनावों में प्रमुख दावेदार है.
उल्लेखनीय है कि ख़ालिदा बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की नेता हैं.
उन पर आरोप है कि जब वो प्रधानमंत्री थी तो उन्होंने दो सरकारी कंटेनर डिपो के ठेके देने में अनियमितताएँ बरतीं और इसमें उनके बेटे कोको ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया.
बांग्लादेश में आपातकाल लागू है और सेना समर्थित अंतरिम सरकार ने चुनाव स्थगित कर दिए हैं. साथ ही राजनीतिक गतिविधियों पर भी पाबंदी लगा रखी है.
अंतरिम सरकार ने भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ अभियान चला रखा है और 150 अधिक वरिष्ठ राजनीतिज्ञों को गिरफ़्तार कर लिया है.