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गुरुवार, 11 सितंबर, 2008 को 18:20 GMT तक के समाचार

सदस्यता बचाने हाईकोर्ट पहुँचे अमरिंदर

कांग्रेस नेता और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने विधानसभा की अपनी सदस्यता रद्द करने के विधानसभा के फ़ैसले को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है.

अमरिंदर सिंह की याचिका को हाइकोर्ट के न्यायाधीश हेमंत गुप्त और केएस आहलुवालिया के खंडपीठ ने याचिका स्वीकार करते हुए इसे दूसरे खंडपीठ को स्थानांतरित कर दिया.

पंजाब विधानसभा ने बुधवार को अमरिंदर सिंह की विधानसभा की सदस्यता रद्द कर दी थी.

विधानसभा की एक विशेष समिति ने उन्हें अमृतसर में भूमि अधिग्रहण के मामले में अनियमितताओं का दोषी पाया था.

यह मामला उस समय का है जब अमरिंदर सिंह राज्य के मुख्यमंत्री थे.

आरोपों का खंडन

अमरिंदर सिंह ने बुधवार को कहा था कि अकाली दल-भाजपा गठबंधन की सरकार उनके खिलाफ़ बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है.

गुरुवार को अमरिंदर सिंह के इन आरोपो का खंडन करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि यह विधानसभा का सामूहिक फ़ैसला है.

पत्रकारों से बातचीत में बादल ने कहा, "मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि यह विपक्ष के खिलाफ़ बदले की कार्रवाई नहीं है."

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हर कार्रवाई को राजनीतिक साज़िश बताने की आदत पड़ गई है.

विधानसभा ने समिति की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है.

रिपोर्ट में अमरिंदर सिंह के साथ-साथ पूर्व मंत्री चोधरी जगजीत सिंह, दिवंगत पूर्व मंत्री रघुनाथ सहाय पुरी और अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन जुगल किशोर शर्मा को दोषी ठहराया गया था.

विधानसभा की समिति ने अमरिंदर के ख़िलाफ़ लगे आरोपों की सतर्कता विभाग के ज़रिए जाँच कराने की सिफ़ारिश की थी. विधानसभा के प्रस्ताव में सतकर्ता विभाग को दो महीने के भीतर अपनी जाँच पूरी करने के लिए कहा गया है.