मंगलवार, 09 सितंबर, 2008 को 08:05 GMT तक के समाचार
हिंदी फ़िल्मों के बादशाह माने जाने वाले शाहरुख़ ख़ान शिव सेना के निशाने पर हैं.
शिव सेना प्रमुख बाल ठाकरे ने पार्टी के मुखपत्र सामना में लिखे संपादकीय लेख में शाहरुख़ की दिल्ली की पृष्ठभूमि पर टिप्पणी की है.
मंगलवार को सामना में बाल ठाकरे ने लिखा है, " शाहरुख़ ख़ान कहते हैं कि वे दिल्लीवाले हैं. यदि आप दिल्ली के हैं तो महाराष्ट्र क्यों आए हैं?"
आगे संपादकीय में लिखा है, " महाराष्ट्र में नाम और धन कमाने आप आते हैं और एक बार जब आपको ये चीज़ें मिल जाती है तो आप उस जगह का नाम जपने लगते हैं जहाँ से आप आए थे. और महाराष्ट्र के लोगों से अपेक्षा यह की जाती है कि वे अपने ही राज्य में एक शब्द भी न बोलें."
क्षेत्रवाद
इस लेख में बाल ठाकरे ने लिखा हैं कि यदि आपमें क्षेत्रवाद की भावनाएँ हैं तो अगर हम भी थोड़ी बहुत क्षेत्रवाद की बातें करते हैं तो इसमें बुरा क्या है.
उन्होंने लिखा है, " दक्षिण भारत के राज्यों में पिछले 60 वर्षों से हिंदी विरोध की मुहिम चल रही है. तमिलनाडु में हिंदी फ़िल्मों पर प्रतिबंध है. असम में हिंदी भाषियों की हत्या कर दी जाती है. क्यों नहीं वे लोग जो महाराष्ट्र में कहते हैं कि वे यूपी या बिहार से हैं, इन राज्यों में जा कर हिंदी का झंडा बुलंद करते हैं."
उन्होंने लिखा है, "अमिताभ बच्चन किसी एक भाषा या क्षेत्र से ताल्लुक नहीं रखते. उनकी कला भाषाई और क्षेत्रीय दीवारों को तोड़ती है. वे एक महान अभिनेता है."
लेकिन जब उनकी पत्नी कहती हैं कि 'हम उत्तर प्रदेश से हैं' तो यह कैसे किसी को समझ में आए.
इससे पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के नेता राज ठाकरे ने कहा था कि जया बच्चन कथित मराठी विरोधी बयान वापस नहीं लेती हैं तो बच्चन परिवार की फ़िल्मों का बहिष्कार होगा.
शनिवार रात मुंबई में अपने बेटे अभिषेक बच्चन की आने वाली फ़िल्म द्रोण के प्रोमो लांच के दौरान अभिनेत्री और राज्यसभा सांसद जया बच्चन ने कहा था, " हम यूपी (उत्तर प्रदेश) के लोग हैं. हमें हिंदी में बात करनी चाहिए. उम्मीद है महाराष्ट्र के लोग हमें माफ़ कर देंगे."