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नैनो का निर्माण स्थगित रहेगा: टाटा

टाटा मोटर्स ने घोषणा की है कि सिंगुर ज़मीन विवाद पर हुई सहमति में स्पष्टता न होने के कारण उन्होंने सिंगुर संयंत्र में नैनो का निर्माण कार्य स्थगित रखने का फ़ैसला किया है.

टाटा की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि जब वे आश्वस्त हो जाएँगे कि उनके संयंत्र और कल पुर्जे की इकाइयों की स्थिति यथावत है और समझौते करनेवाले लोग सिंगुर में शांतिपूर्ण व्यवस्था बनाए रखने के प्रति आश्वस्त हैं तो अपने फ़ैसले की समीक्षा करेंगे.

इसके पहले रविवार रात को टाटा की नैनो के निर्माण के लिए सिंगुर स्थित टाटा की फ़ैक्टरी के लिए ज़मीन के विवाद पर विपक्षी तृणमूल कांग्रेस और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच सहमति हो गई थी.

समझौते के बाद तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने पिछले 15 दिनों से सिंगुर में चल रहा आंदोलन वापस लेने की घोषणा की थी.

समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में ममता बनर्जी ने इसे बड़ी और निर्णायक जीत बताया और कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि आख़िरकार किसानों को न्याय मिला.

ग़ौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी की मध्यस्थता में बातचीत के बाद यह समझौता हुआ है.

रविवार को राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी की मौजूदगी में ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य और अन्य प्रतिनिधियों के बीच क़रीब छह घंटे तक बातचीत चली.

बातचीत के बाद संवाददाता सम्मेलन में समझौते की घोषणा की गई. प्रेस कॉन्फ़ेंस में संयुक्त घोषणापत्र जारी किया गया है.

घोषणापत्र के मुताबिक़ जिन किसानों ने ज़मीन अधिग्रहण के लिए सहमति नहीं दी है, उन्हें परियोजना क्षेत्र और आसपास के इलाक़ों से ज़मीन देने की घोषणा की गई है.

समझौता

किसानों को कितनी ज़मीन किन इलाक़ों में दी जाएगी, इसके लिए एक सप्ताह के अंदर एक संयुक्त समिति बनाई जाएगी.

यह भी तय किया गया है कि जब तक संयुक्त समिति अपना काम नहीं कर लेती, नैनो के कल-पुर्ज़े के प्लांट में काम नहीं होगा.

संयुक्त घोषणापत्र पर विपक्ष के नेता पार्थो चटर्जी और उद्योग मंत्री निरुपम सेन ने हस्ताक्षर किए हैं.

संवाददाता सम्मेलन के दौरान ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य, राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी, विपक्ष के नेता पार्थो चटर्जी और उद्योग मंत्री निरुपम सेन भी मौजूद थे.

सिंगुर में टाटा की नैनो परियोजना के लिए सरकार ने किसानों की ज़मीन का अधिग्रहण किया था. लेकिन ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस इसका विरोध कर रही थी.

पिछले दिनों ममता बनर्जी के नेतृत्व में निर्माणाधीन टाटा फ़ैक्टरी के बाहर बड़ी संख्या में लोगों ने आंदोलन शुरू किया था. विरोध के कारण टाटा की फ़ैक्टरी में कामकाज भी बंद था.