महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों के लिए हिंदी में बोलने की वकालत करने वाली जया बच्चन पर शिवसेना और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने हल्ला बोल दिया है.
शनिवार रात मुंबई में अपने बेटे अभिषेक बच्चन की आने वाली फ़िल्म द्रोण के प्रोमो लांच के दौरान अभिनेत्री और राज्यसभा सांसद जया बच्चन ने यह बयान दिया था.
उन्होंने कहा था, "हम यूपी (उत्तर प्रदेश) के लोग हैं. हमें हिंदी में बात करनी चाहिए." जया बच्चन के इस बयान पर शिवसेना और राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) ने कड़ी आपत्ति व्यक्त की है.
शिवसेना ने कहा है कि महाराष्ट्र की जनता जया बच्चन के इस बयान को बर्दाश्त नहीं करेगी तो एमएनएस ने जया बच्चन से माफ़ी मांगने को कहा है. पार्टी का कहना है कि उन्होंने मराठी जनता का अपमान किया है.
आलोचना
शिवसेना के एक नेता ने तो यहाँ तक कह दिया कि जया बच्चन क्या असम में ऐसा कह सकती हैं. असम में हिंदी भाषी लोगों पर कई बार हमले हुए हैं.
शिवसेना के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता ऐसी भाषा को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी.
एमएनएस के नेता यशवंत किलेदर ने कहा, "बच्चन परिवार यहाँ वर्षों से रह रहा है. उनका ये कहना कि वे स्थानीय भाषा नहीं जानते, यह मराठी जनता का अपमान है."
लेकिन कांग्रेस ने शिवसेना और एमएनएस की आलोचना की है और कहा कि मामले का राजनीतिकरण किया जा रहा है. महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता संजय निरुपम ने कहा, "जिन नेताओं के बच्चे बांबे स्कॉटिश जैसे अंग्रेजी स्कूल में पढ़ते हैं, उन्हें दूसरों को निशाना नहीं बनाना चाहिए."
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने कुछ महीने पहले भी अमिताभ बच्चन को निशाना बनाया था और पार्टी प्रमुख राज ठाकरे ने यह बयान दिया था कि अमिताभ बच्चन ने महाराष्ट्र के लिए कुछ नहीं किया है.