बुधवार, 03 सितंबर, 2008 को 07:48 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान से लगने वाले पाकिस्तान के क़बायली इलाक़े वज़ीरिस्तान में बुधवार को तड़के अमरीकी सेना के नेतृत्व में की गई कार्रवाई में कम से कम पंद्रह लोग मारे गए हैं.
मरने वालों में महिलाएँ और बच्चे भी शामिल हैं.
पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इस कार्रवाई में हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल किया गया.
अफ़ग़ानिस्तान में मौज़ूद अमरीका के नेतृत्व वाली सेना के प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी एपी से बातचीत में इस तरह की किसी भी आकस्मिक कार्रवाई से इनकार किया.
सेना का इनकार
प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई तभी की जाती है जब सैनिकों पर हमला होता है.
हमले के एक प्रत्यक्षदर्शी हबीब ख़ान वज़ीर ने बताया कि यह हमला तब हुआ जब बुधवार तड़के अमरीकी सेना का एक हेलिकॉप्टर दक्षिण वज़ीरिस्तान के एक गाँव में एक घर के बाहर उतरा.
उन्होंने बताया कि सैनिकों ने हेलिकॉप्टर से उतरकर घर के अंदर और बाहर मौज़ूद लोगों पर गोलियाँ बरसानी शुरू कर दीं.
हमले के एक और प्रत्यक्षदर्शी ग़ुल नवाज़ ने समाचार एजेंसी रॉयटर को बताया कि हेलिक़ॉप्टर से आए सैनिकों ने तीन घरों को निशाना बनाया.
ख़बरों के मुताबिक मरने वालों में महिलाएँ और बच्चे शामिल हैं.
अफ़ग़ानिस्तान से लगने वाली पाकिस्तान की सीमा पर हाल के दिनों में सुरक्षा व्यवस्था तेज़ी से बिगड़ी है.
पाकिस्तान की सरकार पर इस इलाक़े में चरमपंथियों पर कार्रवाई करने का अमरीका का दबाव बढ़ा है. चरमपंथी सीमावर्ती इलाक़ों का उपयोग अफ़ग़ानिस्तान में हमले करने के लिए करते हैं.
शरणस्थली
अफ़ग़ानिस्तान की सरकार और नैटो सेना का कहना है कि सीमावर्ती इलाक़े अल क़ायदा और तालेबान के चरमपंथियों के लिए स्वर्ग की तरह हैं.
पाकिस्तान की सेना ने सोमवार को बाज़ौर इलाक़े में तालेबान के चरमपंथियों के ख़िलाफ़ अपनी कार्रवाई स्थगित कर दी थी.
सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई पवित्र महीने रमज़ान के कारण रोक दी गई है.
तालेबान के प्रवक्ता मौलवी उमर ने पाकिस्तान सरकार के इस फ़ैसले का स्वागत किया है, लेकिन उन्होंने कहा कि चरमपंथी अपने हथियार नहीं रखेंगे.