सोमवार, 01 सितंबर, 2008 को 11:02 GMT तक के समाचार
पश्चिम बंगाल के सिंगूर में टाटा मोटर्स को लेकर चल रहे विवाद के कारण टाटा के प्लांट में सोमवार को भी काम नहीं हो पाया.
प्रबंधन का कहना है कि हालात ऐसे नहीं है कि काम दोबारा शुरु हो सके. तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता पिछले नौ दिनों से धरना दे रहे हैं.
कोलकाता में टाटा के एक प्रवक्त ने बताया, हम स्थिति पर लगातार नज़र रखे हुए हैं लेकिन अभी हालात ठीक नहीं है.
प्रदर्शनकारियों ने उन सब मार्गों को अवरुद्ध कर रखा है जहाँ से फ़ैक्ट्री में प्रवेश किया जा सकता है. इसके अलावा डूंगरपुर एक्सप्रेस भी बाधित है और हज़ारों वाहन फँसे हुए हैं.
तृणमूल कांग्रेस के एक दल ने रविवार को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी से मुलाकात की थी. पार्टी अध्यक्ष ममता बैनर्जी ने कहा है कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं लेकिन धरना जारी रहेगा.
उनका कहना था, बातचीत और धरना दोनों एक साथ चल सकते हैं. नैनो फ़ैक्ट्री के बाहर धरना तब तक चलता रहेगा जब तक राज्य सरकार किसानों को 400 एकड़ ज़मीन लौटाने पर राज़ी नहीं हो जाती.
इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के आंदोलन की वजह से टाटा मोटर्स ने सिंगुर से अपने कर्मचारियों को हटा लिया था.
टाटा समूह के चेयरमैन रतन टाटा पहले ही धमकी दे चुके हैं कि अगर सिंगुर में हिंसा और तनाव का माहौल जारी रहा तो वे नैनो परियोजना को कहीं और ले जाएँगे.
इस पर बश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने कहा था कि वे किसी भी हालत में नहीं चाहते कि टाटा समूह की यह परियोजना राज्य से बाहर चली जाए.
वहीं विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि सिंगूर मुद्दे के हल के लिए केंद्र पहल नहीं कर सकता क्योंकि यह राज्य सरकार का
मामला है.