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रविवार, 31 अगस्त, 2008 को 11:56 GMT तक के समाचार

अल्ताफ़ हुसैन
बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर

समझौते के विरोध में घाटी में प्रदर्शन

अमरनाथ ज़मीन विवाद को लेकर जम्मू-कश्मीर सरकार और अमरनाथ संघर्ष समिति के बीच समझौते का कश्मीर में विरोध शुरू हो गया है.

रविवार को अमरनाथ संघर्ष समिति और राज्य सरकार के बीच हुए समझौते के मुताबिक 40 हेक्टेअर की भूमि मंदिर बोर्ड को इस्तेमाल के लिए दी गई है.

पिछले दो महीने से इसी भूखंड के लिए राज्य में विरोध-प्रदर्शनों का दौर चल रहा था. अब जम्मू में प्रदर्शन वापस लेने की घोषणा तो हो गई है पर कश्मीर में प्रदर्शन फिर से शुरू हो गए हैं.

श्रीनगर में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को रबर की गोलियाँ चलानी पड़ी जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया है.

श्रीनगर के पुराने इलाके में कर्फ़्यू में जो ढील दी गई थी, उसे भी वापस ले लिया गया है और कर्फ्यू फिर से लागू हो गया है.

उधर कुपवाड़ा में दोबारा कर्फ़्यू लगा दिया गया है. कुलगाम ज़िले में भी कुछ जगहों पर प्रदर्शन की ख़बर मिल रही है.

जम्मू में कर्फ़्यू

प्रशासन का कहना है कि उन्हें खबर मिली है कि कुछ चरमपंथी संगठन अमरनाथ यात्रा संघर्ष समिति के नेताओं को निशाना बना सकते हैं. ऐसी स्थिति से बचने के लिए जम्मू प्रशासन ने कर्फ्यू लगा दिया है और किसी को भी देखते ही गोली मारने के आदेश जारी कर दिए गए हैं.

लेकिन कर्फ़्यू के बाद भी जम्मू में बड़ी तादाद में लोग सड़कों पर निकले और नारेबाज़ी की.

गौरतलब है कि अमरनाथ ज़मीन विवाद के कारण पिछले क़रीब दो महीने से जम्मू और कश्मीर में अलग अलग प्रतिस्पर्धी विरोध प्रदर्शन हो रहे थे जिसमें कई लोग मारे गए.

अमरनाथ ज़मीन विवाद निपटारे के लिए जम्मू कश्मीर के राज्यपाल एनएन वोहरा ने चार सदस्यीय समिति बनाई थी जो लगातार अमरनाथ संघर्ष समिति से बातचीत कर रही थी.

समझौते के बाद संघर्ष समिति ने अपनी 15 माँगें रखी थीं जिसमें से कई सरकार ने मान लीं. इसके तहत राज्य सरकार अमरनाथ यात्रा के दौरान 40 हेक्टेयर ज़मीन श्राइन बोर्ड को दे देगी. लेकिन इस दौरान इसके मालिकाना हक में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा.