रविवार, 31 अगस्त, 2008 को 13:52 GMT तक के समाचार
विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि सिंगुर मुद्दे के हल के लिए केंद्र पहल नहीं कर सकता क्योंकि यह राज्य सरकार का मामला है.
सिंगुर में टाटा को आबंटित ज़मीन को लेकर आंदोलन तेज़ हो रहा है और आजकल वहाँ काम ठप्प है.
तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी की अगुआई में किसानों ने सिंगुर में आंदोलन चला रखा है.
कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में प्रणव मुखर्जी ने कहा, "यह ऐसी समस्या है जिसकी जड़ें काफ़ी गहरी हैं. किस राज्य में कौन निवेश करेगा, यह राज्य सरकार का मामला है और यह केंद्र सरकार के लिए संभव नहीं है कि वह इसमें कोई पहल करे."
टाटा की नैनो कार परियोजना का हवाला देते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार हमेशा से नई तकनीक की पक्षधर रही है.
मामला
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार औद्योगीकरण चाहती है लेकिन साथ ही सरकार को किसानों का हित भी देखना पड़ता है और संतुलन बनाना पड़ता है.
प्रणव मुखर्जी ने कहा कि शनिवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रियरंजन दासमुंशी ने सिंगुर मामले पर पार्टी का रुख़ स्पष्ट कर दिया था.
प्रियरंजन दासमुंशी ने कहा कि टाटा को अपनी नैनो कार परियोजना सिंगुर से नहीं हटानी चाहिए. लेकिन साथ ही राज्य सरकार को उन किसानों को कहीं और ज़मीन देनी चाहिए जो अपनी ज़मीन नहीं देना चाहते.
उन्होंने कहा था कि कांग्रेस पार्टी सिंगूर में हुए निवेश या उद्योग को किसी और राज्य में नहीं भेजने देना चाहते. लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया था कि केंद्र राज्य सरकार को इस संकट से निकालने की ज़िम्मेदारी नहीं लेगा.
पिछले दिनों टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा ने चेतावनी देते हुए कहा था कि मौजूदा माहौल में उनके लिए काम करना मुश्किल होगा और अगर हालात ऐसे रहे तो सिंगुर से नैनो कार परियोजना को हटाया भी जा सकता है.
किसानों के आंदोलन के कारण पिछले दो दिनों से सिंगुर की नैनो फ़ैक्टरी में कामकाज बंद है. टाटा को नैनो कार परियोजना के लिए 997.11 एकड़ की ज़मीन दी गई है.
इस परियोजना को लेकर विवाद उस समय शुरू हुआ जब सिंगुर के किसानों ने यह आरोप लगाया कि सरकार ने उनकी कृषि ज़मीन उनसे जबरन ले ली है.