शनिवार, 30 अगस्त, 2008 को 10:18 GMT तक के समाचार
सलमान रावी
बीबीसी संवाददाता, झारखंड
झारखंड में एक बार फिर पुलिस दस्ता माओवादियों का निशाना बन गया है और 12 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई है.
शनिवार को राज्य के पूर्वी सिंहभूम ज़िले के घाटशिला क्षेत्र में पुलिसकर्मियों का एक दस्ता नक्सलियों द्वारा बिछाई गई बारूदी सुरंग का निशाना बन गया.
दोपहर क़रीब ढाई बजे हुई इस घटना में झारखंड सशस्त्र पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर सहित 12 सशस्त्र पुलिसकर्मियों की मौत हो गई.
घटना उस वक्त हुई जब घाटशिला के बुरूडीह इलाके में सशस्त्र पुलिस का यह दस्ता बारूदी सुरंगें हटाने का काम करने गया हुआ था.
गश्त के दौरान ही एक बारूदी सुरंग में विस्फोट हो गया.
पूर्वी सिंहभूम राज्य का वो हिस्सा है जो राज्य के अलावा उड़ीसा और पश्चिम बंगाल की भी सीमा से लगा हुआ है और यहाँ नक्सलवादियों का व्यापक प्रभाव है.
नक्सलियों के चेतावनी
राज्य का यह हिस्सा माओवादियों के व्यापक प्रभाव वाला माना जाता है और यहाँ पहले भी पुलिस इस तरह के हमलों की शिकार बनती रही है.
इसी इलाके में राज्य के कद्दावर नेता और सांसद सुनील महतो की माओवादियों ने वर्ष 2005 में हत्या कर दी गई थी.
अभी हाल ही में जब केंद्र सरकार ने संसद में विश्वास प्रस्ताव रखा था तो इस इलाके में पर्चे बाँटकर माओवादियों ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के सांसदों को चेतावनी दी थी कि वे केंद्र सरकार के पक्ष में मतदान न करें.
इस क्षेत्र में सक्रिय नक्सली लड़ाकों ने स्पष्ट कहा था कि वे केंद्र सरकार की अमरीका परस्त नीतियों और अमरीका के साथ परमाणु क़रार का विरोध करते हैं.
झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख और वर्तमान में राज्य के मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को चेतावनी देते हुए माओवादियों ने कहा था कि केंद्र सरकार का समर्थन करने के बहुत बुरे परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.