बुधवार, 27 अगस्त, 2008 को 12:18 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान में पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने पिछले साल नवंबर में जिन जजों को बर्ख़ास्त किया था उनमें से आठ को बुधवार को पद पर बहाल कर दिया गया.
इन सभी जजों ने कराची में गवर्नर के निवास पर शपथ ली. रिपोर्टें हैं कि अगले हफ़्ते सात-आठ और जजों को शपथ दिलाई जाएगी.
परवेज़ मुशर्रफ़ ने मुख्य न्यायाधीश इफ़्तिख़ार चौधरी सहित 60 जजों को बर्ख़ास्त किया था लेकिन उनमें से कुछ को बाद में बहाल कर दिया गया था.
पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ जजों की बहाली के मामले पर उपजे विवाद के बाद सोमवार को सत्तारूढ़ गठबंधन से बाहर हो गए थे.
'सबकी बहाली हो'
नवाज़ शरीफ़ की पार्टी, मुस्लिम लीग-नवाज़ सभी निलंबित जजों की बर्ख़ास्तगी को अवैध क़रार दिए जाने के एक निर्देश के साथ उन सब की एक साथ बहाली चाहती थी.
कराची में बीबीसी के इलियास ख़ान का कहना है कि पार्टी के इस नज़रिए को वकीलों का भी समर्थन हासिल था जो पिछले काफ़ी समय से न्यायपालिका को अपने पुराने स्वरूप में वापल लाने के लिए आंदोलन जारी रखे हुए हैं.
सत्तारूढ़ पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के नेता आसिफ़ ज़रदारी ने वायदा किया था कि जजों की बहाली होगी लेकिन उन्हें नए सिरे से शपथ लेनी होगी.
ज़रादारी का कहना था कि मुख्य न्यायाधीश भी अपने पद पर लौट आएँगे लेकिन बीबीसी संवाददाता बारबरा प्लेट का कहना है कि अधिकतर विश्लेषक इस पर विश्वास नहीं करते. उनका मानना है सरकार चौधरी को मुस्लिम लीग-नवाज़ की राजनीति के काफ़ी क़रीब मानती है.
विश्लेषकों का कहना है कि अब जब कि पाकिस्तान पीपल्स पार्टी ने जजों को बहाल किया है तो उससे वकीलों का आंदोलन कमज़ोर होगा और मुस्लिम लीग-नवाज़ के गठबंधन से बाहर होने के औचित्य पर सवालिया निशान लगेंगे.