सोमवार, 25 अगस्त, 2008 को 13:24 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ की पार्टी मुस्लिम लीग (नवाज़) ने बर्खास्त जजों की बहाली और कुछ अन्य मुद्दों पर मतभेद के बाद सत्ताधारी गठबंधन से अपने को अलग कर लिया है.
इतना ही नहीं नवाज़ शरीफ़ की पार्टी ने सत्ताधारी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार आसिफ़ अली ज़रदारी के
ख़िलाफ़ अपना उम्मीदवार भी घोषित कर दिया है.
पीएमएल ( नवाज़) की ओर से पूर्व मुख्य न्यायाधीश सईद उज़ ज़मन सिद्दीकी छह सितंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनावों में पार्टी
के उम्मीदवार होंगे.
पिछले साल आपातकाल के समय हटाए गए जजों की बहाली और नए राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर मुस्लिम लीग (नवाज़) और सत्ताधारी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के बीच मतभेद उभर आए थे.
जानकारों का कहना है कि मुस्लिम लीग (नवाज़) के सत्ताधारी गठबंधन से अलग होने के बावजूद फ़िलहाल सरकार की सेहत पर कोई ख़ास असर नहीं पड़ेगा.
इस्लामाबाद में हुए संवाददाता सम्मेलन में नवाज़ शरीफ़ ने पार्टी के फ़ैसले की घोषणा की. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने सितंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में पूर्व जज सईद उज़-ज़मा सिद्दीक़ी को उम्मीदवार बनाने का फ़ैसला किया है.
मतभेद
राष्ट्रपति चुनाव में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सह अध्यक्ष आसिफ़ अली ज़रदारी भी उम्मीदवार हैं. पत्रकारों से बातचीत में नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी जजों को बहाल करने में नाकाम रही है.
नवाज़ शरीफ़ ने कहा, "मेरे और पीपुल्स पार्टी के सह अध्यक्ष आसिफ़ अली ज़रदारी के बीच यह तय हुआ था कि परवेज़ मुशर्रफ़ पर अगर महाभियोग प्रक्रिया शुरू हो गई या उन्होंने इस्तीफ़ा दिया, उसके एक दिन के अंदर जज बहाल कर दिए जाएँगे. लेकिन मुशर्रफ़ के इस्तीफ़ा देने के एक सप्ताह बाद भी कुछ नहीं हुआ है."
पाकिस्तान में इस समय गठबंधन सरकार की कमान पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के पास है और यूसुफ़ रज़ा गिलानी प्रधानमंत्री हैं.
मजबूरी
नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि लगातार उनसे किए गए वादों को पूरा नहीं किया गया और उन्हें यह क़दम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा.
इसी महीने की 18 तारीख़ को परवेज़ मुशर्रफ़ ने राष्ट्रपति पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. सत्ताधारी गठबंधन उनके ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव लाने वाली थी.
लेकिन परेवज़ मुशर्रफ़ के इस्तीफ़ा देने के बावजूद जजों की बहाली पर दोनों पार्टियों में सहमति नहीं हो पाई. और तो और शनिवार को आसिफ़ अली ज़रदारी को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने की घोषणा हो गई.
नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि पहले यह तय हुआ था कि किसी ऐसे व्यक्ति को राष्ट्रपति बनाया जाएगा जो किसी राजनीतिक पार्टी से ना हो लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
पाकिस्तान में छह सितंबर को राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं. नवाज़ शरीफ़ ने स्पष्ट किया कि वे एक रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएँगे और सरकार गिराने की उनकी कोई मंशा नहीं है.