अमरनाथ तिवारी
पटना से
बिहार में अधिकारियों ने कहा है कि राज्य के तीन ज़िलों में आई भीषण बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं.
राज्य में नेपाल से आने वाली कोसी नदी के कुछ दिन पहले तटबंध टूट गए थे जिसकी वजह से बिहार में कोसी नदी में उफ़ान आ गया और उसने तीन ज़िलों में अनेक गाँवों को डुबो दिया है.
बिहार के सुपॉल, अरड़िया और मदेपुरा ज़िलों में बाढ़ से भारी तबाही हुई है. इन तीनों ज़िलों की सीमाएँ नेपाल से मिलती हैं.
अधिकारियों का कहना है कि इस बाढ़ से लाखों हैक्टेयर ज़मीन पर फ़सल तबाह हो गई है. इन तीन प्रभावित ज़िलों में बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए लगभग पचास राहत शिविर लगाए गए हैं.
कुछ इलाक़ों में भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर राहत सामग्री के पैकेट नीचे गिराकर लोगों तक पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं.
प्रभावित इलाक़ों में बहुत से लोगों ने ऊँचे स्थानों पर पनाह ली है और बहुत से लोग नदियों के ऊँचे तटों, ऊँची सड़कों और इमारतों पर पहुँचे हैं.
बिहार के मुख्य मंत्री नीतिश कुमार ने इस बाढ़ को भारी विपदा क़रार दिया है. बाढ़ में फँसे लोगों को बचाने और उन तक राहत सामग्री पहुँचाने के लिए लगभग 170 देसी नावें लोगों को भी लगाया गया है.
हालाँकि प्रभावित लोगों का कहना है कि उन्हें अभी तक कोई सरकारी सहायता नहीं प्राप्त हुई है. प्रभावित लोगों ने तीन ऐसे विधायकों को भगा दिया जो शनिवार और रविवार को उन लोगों का हालचाल पूछने के लिए आए थे.