शनिवार, 23 अगस्त, 2008 को 11:12 GMT तक के समाचार
अल्ताफ़ हुसैन
बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर से
भारत प्रशासित कश्मीर घाटी में आज़ादी की माँग के समर्थन में तीन दिन का बंद आज से शुरू हुआ है.
इस हड़ताल का आह्वान अलगाववादी गुटों ने किया है.
घाटी में दुकानें, बैंक, स्कूल और सरकारी दफ़्तर बंद हैं, सड़कों पर इक्का-दुक्का गाड़ियाँ दिखाई दे रही हैं.
शुक्रवार को श्रीनगर के ईदगाह मैदान में लगभग ढाई लाख लोगों ने एक रैली में हिस्सा लिया था जिसे अलगाववादी नेताओं ने संबोधित किया था.
ईदगाह मैदान का आयोजन पिछले दो सप्ताह में कश्मीर घाटी में यह चौथा बड़ा सार्वजनिक प्रदर्शन था.
अलगाववादी नेताओं ने लोगों से कहा है कि वे 'भारत के शासन के ख़िलाफ़' ऐतिहासिक लाल चौक पर सोमवार को दिन भर के लिए धरना दें.
कश्मीर घाटी में विरोध प्रदर्शनों में जितनी बड़ी संख्या में आम लोग दिखाई दे रहे हैं, उतनी बड़ी तादाद उस दौर में भी नहीं दिखती थी जब चरमपंथ अपने पूरे उफ़ान पर था.
अमरनाथ मंदिर बोर्ड को ज़मीन देने के सवाल पर उठे विवाद से भारत विरोधी भावनाएँ और भड़कती नज़र आ रही हैं.
कश्मीर घाटी के अलगाववादी नेताओं ने आरोप लगाया था कि अमरनाथ मंदिर बोर्ड को ज़मीन देने का मक़सद "कश्मीर घाटी के मुस्लिम बहुल चरित्र को बदलना है".
जब से यह आंदोलन शुरू हुआ है अब तक पुलिस की फ़ायरिंग में कुल 21 लोग मारे जा चुके हैं जिसकी वजह से तनाव और गहरा गया है.
दूसरी ओर, जम्मू में भड़के ग़ुस्से को शांत करने के लिए अमरनाथ यात्रा संघर्ष समिति के साथ दो दौर की बातचीत हुई है, इस बातचीत को सकारात्मक बताया गया है.