शनिवार, 23 अगस्त, 2008 को 03:37 GMT तक के समाचार
बीनू जोशी
बीबीसी संवाददाता, जम्मू
जम्मू में आंदोलन चला रहे अमरनाथ यात्रा संघर्ष समिति के साथ दो दौर की बातचीत शनिवार दोपहर समाप्त हो गई.
इस बातचीत को दोनों पक्षों ने सकारात्मक बताया लेकिन इससे अधिक कोई जानकारी नहीं दी गई.
बातचीत आगे भी जारी रहेगी.
बातचीत में शामिल अमरनाथ संघर्ष समिति और राज्यपाल की ओर से गठित समिति के लोगों ने बताया है कि अमरनाथ मंदिर बोर्ड को साल में तीन महीने के लिए अस्थानीय तौर पर ज़मीन देने पर सहमति बन सकती है.
दोनों पक्षों में बनी सहमति के मुताबिक तीन माह के लिए अस्थानीय तौर पर विवादित ज़मीन मंदिर बोर्ड को दी जाएगी और इस दौरान अमरनाथ यात्रियों की सुविधा के लिए इस पर अस्थानीय निर्माण किया जा सकेगा.
साथ ही मंदिर बोर्ड के पुनर्गठन पर भी सहमति बनने की भी ख़बर है, जिसके मुताबिक इसमें लगभग सारे सदस्य जम्मू-कश्मीर के होंगे.
कश्मीर घाटी में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद जम्मू-कश्मीर सरकार ने अमरनाथ मंदिर बोर्ड को दी गई ज़मीन वापस ले ली थी.
लेकिन इस फ़ैसले के विरोध में जम्मू में आंदोलन तेज़ हो गया जो लगभग 50 दिनों से जारी है. इसमें 12 लोग मारे जा चुके हैं.
इस मसले के समाधान के लिए राज्यपाल एनएन वोहरा ने पाँच सूची प्रस्ताव दिया था जिस पर बातचती के लिए संघर्ष समिति राजी हो गई थी.
इस प्रस्तावों में यात्रा प्रबंधन, मंदिर बोर्ड का मुनर्गठन और उसे मज़बूत बनाना शामिल है.
वार्ता में संघर्ष समिति की ओर से चार प्रतिनिधि हैं और इतने ही प्रतिनिधि सरकारी पक्ष के हैं जिनकी अगुआई एसएस बलोरिया कर रहे हैं.
अमरनाथ संघर्ष समिति ने इससे पहले आंदोलन 25 अगस्त तक बढ़ा दिया था लेकिन सहमति बनने से उम्मीद की जा रही है कि आंदोलन वापस ले लिया जाएगा.
बुधवार को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन भी स्थिति का जायज़ा लिया था.