शनिवार, 23 अगस्त, 2008 को 13:57 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने देश के पश्चिमी हिस्से में अमरीकी सेना की 'एकतरफ़ा कार्रवाई' की कड़ी आलोचना की है. सरकार का कहना है कि इस कार्रवाई में 90 से ज़्यादा नागरिक मारे गए हैं.
अमरीका ने शुरू में इससे इनकार किया था कि उसकी कार्रवाई में कोई नागरिक मारा गया है. लेकिन अब अमरीकी टास्क फ़ोर्स के एक प्रवक्ता ने कहा है कि इस मामले की जाँच की जा रही है.
अमरीकी टास्क फ़ोर्स उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नैटो) के अधीन काम नहीं करता. इस बीच पुलिस का कहना है कि दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में सड़क के किनारे हुए एक बम धमाके में 10 नागरिकों की मौत हो गई है.
धमाका उस समय हुआ जब एक मिनी बस वहाँ से गुज़री. बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान में सड़क के किनारे बम धमाकों का निशाना सुरक्षाबल होते हैं.
आलोचना
इस बीच पश्चिमी अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी कार्रवाई के कारण राष्ट्रपति हामिद करज़ई और अंतरराष्ट्रीय सेना के बीच तनाव बढ़ता दिख रहा है.
क़बायली नेताओं का कहना है कि शुक्रवार को हेरात में जनाज़े के लिए जुटे लोगों पर बम गिराए गए.
द अफ़ग़ान इंडिपेन्डेंट ह्यूमन राइट्स कमीशन का कहना है कि शुरुआती जाँच से पता चला है कि अमरीकी कार्रवाई में 78 नागरिक मारे गए हैं. जिनमें महिलाएँ और बच्चे भी हैं.
लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है और एक प्रतिनिधिमंडल इसकी जाँच कर रहा है. हामिद करज़ई ने अपने बयान में कहा है कि उन्होंने इस मामले की जाँच के आदेश दे दिए है.
राष्ट्रपति करज़ई ने अपने कई मंत्रियों को आदेश दिया है कि वे नागरिकों की मौत को रोकने के लिए एक व्यापाक योजना तैयार करें, जिसे गठबंधन सेना को सौंप दिया जाएगा.
अमरीकी सेना ने पहले यह दावा किया था कि कोई नागरिक नहीं मारा गया है. उन्होंने यह भी कहा था कि अफ़ग़ानिस्तान के सुरक्षा बलों से इसकी पुष्टि भी कराई गई है.
लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि इस मामले की जाँच की जा रही है और इसके पूरे प्रयास किए जा रहे हैं कि कार्रवाई के दौरान निर्दोष लोगों को नुक़सान न हो.
काबुल से बीबीसी संवाददाता एलेस्टर लीथेड का कहना है कि आम नागिरकों की मौत राष्ट्रपति करज़ई और अंतरराष्ट्रीय सेना के बीच तनाव का प्रमुख कारण रहा है.
शनिवार को अमरीकी कार्रवाई के विरोध में वहाँ प्रदर्शन भी हुए हैं.