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शुक्रवार, 22 अगस्त, 2008 को 10:53 GMT तक के समाचार

अल्ताफ़ हुसैन
बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर से

श्रीनगर में भारी विरोध प्रदर्शन

भारत प्रशासित कश्मीर में लगभग ढाई-तीन लाख लोग राजधानी श्रीनगर में विरोध प्रदर्शन के लिए जमा हुए.

अलगाववादी गुटों के आह्वान पर एकत्र हुए लोग शुक्रवार की नमाज़ के बाद राजधानी में प्रदर्शन किया.

स्कूल, दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे और बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है.

पिछले दो सप्ताह की अवधि में यह कश्मीर घाटी में आयोजित किया जाने वाला चौथा बड़ा विरोध प्रदर्शन था.

अमरनाथ मंदिर बोर्ड को ज़मीन देने के सवाल पर उठे विवाद से भारत विरोधी भावनाएँ और भड़कती नज़र आ रही हैं.

कश्मीर घाटी के अलगाववादी नेताओं ने आरोप लगाया था कि अमरनाथ मंदिर बोर्ड को ज़मीन देने का मक़सद "कश्मीर घाटी के मुस्लिम बहुल चरित्र को बदलना है".

जब से यह आंदोलन शुरू हुआ है अब तक पुलिस की फ़ायरिंग में कुल 21 लोग मारे जा चुके हैं जिसकी वजह से तनाव और गहरा गया है.

यह विवाद अब से दो महीने पहले शुरू हुआ था जब जम्मू-कश्मीर सरकार ने अमरनाथ मंदिर बोर्ड को ज़मीन देने की घोषणा की थी, भारी विरोध के बाद ज़मीन देने का फ़ैसला वापस ले लिया गया लेकिन कांग्रेस सरकार से पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने समर्थन वापस ले लिया और वहाँ राज्यपाल शासन लागू करना पड़ा.

मुस्लिम बहुल कश्मीर घाटी और जम्मू के हिंदू बहुल हिस्सों में ज़ोरदार विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है.

शुक्रवार को होने वाला प्रदर्शन तीन दिन की शांति के बाद हुआ.

हज़ारों लोग पुराने श्रीनगर के ईदगाह मैदान पर जमा हुए जहाँ अलगाववादी नेताओं ने उन्हें संबोधित किया.

इस विरोध प्रदर्शन को आम कश्मीरी लोगों का ख़ासा समर्थन दिखाई दिया, सड़क किनारे बड़ी संख्या में महिलाएं जमा हुईं जो विरोध प्रदर्शन के लिए जाने वालों को शरबत पिला रही थीं और उनका हौसला बढ़ा रही थीं.