http://www.bbcchindi.com

शुक्रवार, 22 अगस्त, 2008 को 22:21 GMT तक के समाचार

अमरीकी हमले में 91 अफ़ग़ान मारे गए

अफ़ग़ानिस्तान के गृहमंत्रालय का कहना है कि पश्चिमी अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सेना की एक कार्रवाई में 91 नागरिकों की मौत हुई है.

मारे गए लोगों में ज़्यादातर महिलाएँ और बच्चे हैं.

अमरीका के नेतृत्व वाली फ़ौजों ने यह तो कहा है कि उन्होंने हेरात प्रांत में कार्रवाई की है लेकिन उनका कहना है कि इसमें किसी नागरिक की मौत नहीं हुई है.

बीबीसी के संवाददाता एलस्टेयर लीथेड का कहना है मृतकों की संख्या के बारे में किसी स्वतंत्र स्रोत से जानकारी नहीं मिली है.

कार्रवाई

अफ़ग़ान गृहमंत्रालय ने जो बयान जारी किया है उसके अनुसार हेरात प्रांत के शिंदान ज़िले में हुई कार्रवाई में बहुत से नागरिकों की मौत हुई है.

प्रांत के पुलिस प्रमुख का कहना है कि मरने वालों में बड़ी संख्या में महिलाएँ और बच्चे हैं.

उस इलाक़े के बुज़ुर्गों और स्थानीय लोगों के हवाले से मिली ख़बरों के अनुसार हमले में कई घर नष्ट हो गए और पचास से अधिक लोग मारे गए.

हालांकि अभी भी हताहतों की संख्या को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है और किसी स्वतंत्र स्रोत से संख्या की पुष्टि नहीं हो सकी है.

नैटो के अतिरिक्त काम कर रही अमरीकी फ़ौज का कहना है कि वे इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि इस कार्रवाई में किसी नागरिक की मौत नहीं हुई है.

सेना ने कहा है कि वहाँ एक तालेबान कमांडर की मौत हुई है और कई लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

अफ़ग़ान रक्षा मंत्रालय ने पहले कहा था कि हेरात में अमरीकी फ़ौजों ने कार्रवाई की है और इसमें एक तालेबान कमांडर की मौत हुई है लेकिन बाद में कहा गया कि मंत्रालय इसकी जाँच कर रहा है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई में नागरिकों का मारा जाना संयुक्त फॉजों के लिए सबसे गंभीर ग़लती है.

उनका कहना है कि इस तरह की चूक से उस मिशन को नुक़सान पहुँचता है जिसका मूल उद्देश्य लोगों का विश्वास जीतना है उनको अंतरराष्ट्रीय फ़ौज के ख़िलाफ़ करना नहीं.

ऐसी घटनाओं के बाद अक्सर दुष्प्रचार के लिए बढ़ाचढ़ाकर दावे पेश किए जाते हैं जिससे कि पूरे अफ़ग़ानिस्तान में असुरक्षा का माहौल बन जाता है.

इससे पहले भी हेरात के शिंदान ज़िलें में ही जो दावे किए गए थे वे सही नहीं पाए गए थे.