गुरुवार, 21 अगस्त, 2008 को 09:49 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के निकट एक हथियार फ़ैक्टरी के बाहर हुए दो आत्मघाती हमलों में कम से कम 70 लोगों की मौत हो गई है.
तालेबान ने इन हमलों की ज़िम्मेदारी ली है. पाकिस्तान में तालेबान के प्रवक्ता मौलवी उमर ने बीबीसी को बताया कि क़बायली इलाक़ों में चल रही सैनिक कार्रवाई के विरोध में यह हमला किया गया है.
उनका कहना था, "यह बाजौड़ में मासूम महिलाओं और बच्चों की मौत का बदला है".
वाह कैंट इलाक़े में यह हथियार डिपो स्थित है जो राजधानी इस्लामाबाद से 30 किलोमीटर दूर है.
शाहबाज़ ख़ान ने बताया कि एक धमाका हथियार फ़ैक्टरी के मुख्य दरवाज़े के पास हुआ जबकि कुछ देर बाद एक और धमाका डिपो के दूसरे गेट के पास हुआ.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक़ धमाके में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है.
स्थिति
शाहबाज़ ख़ान ने बताया, "धमाकों में क़रीब 60 लोग घायल हुए हैं. घायलों में कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है."
उस स्थल पर मौजूद वाह के एक छात्र मोहीद अहमद ने अपनी बस से घटना का पूरा नज़ारा देखा.
उन्होंने बीबीसी को बताया, "सब कुछ बहुत ही परेशान करने वाला था. हर तरफ़ धुआँ था, शरीर और ख़ून बिखरा पड़ा था. जो लोग जीवित बचे थे वे बहुत तकलीफ़ में थे".
मोहीद ने कहा, "मैंने एक व्यक्ति को अपनी टांग दबाए हुए पीड़ा से रोते देखा. वह मदद की गुहार कर रहा था. मैंने लोगों को इधर-उधर दौड़ते देखा".
बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि आम तौर पर इस शहर में सुरक्षा व्यवस्था काफ़ी कड़ी होती है. क्योंकि इसी इलाक़े में एक बड़ा औद्योगिक परिसर है जहाँ हथियार बनाए जाते हैं.
एक स्थानीय पुलिस अधिकारी नसीर ख़ान दुर्रानी ने बीबीसी को बताया कि मारे गए लोगों में कोई भी सैनिक नहीं है.
पहला धमाका हथियार फ़ैक्टरी के एक गेट के बाहर हुआ. उस समय बड़ी संख्या में कर्मचारी अपना काम ख़त्म करके बाहर जा रहे थे.
इसके कुछ ही मिनट बाद फ़ैक्टरी के एक अन्य गेट पर भी धमाका हो गया.