गुरुवार, 21 अगस्त, 2008 को 19:22 GMT तक के समाचार
उत्तर भारत के कुछ राज्यों में इस वर्ष बारिश की वजह से बाढ़ के भीषण संकट की स्थिति पैदा हो गई है.
बीबीसी के उत्तर प्रदेश संवाददाता, रामदत्त त्रिपाठी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ ही दिनों के दौरान बाढ़ और बारिश से मरनेवालों की तादाद बढ़कर 110 हो गई है.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष जून में मानसून आने के बाद से राज्य में क़रीब 660 लोग बारिश और बाढ़ के कारण मर चुके हैं.
इनमें से 27 लोग बारिश और उसके कारण बाढ़ की ताज़ा स्थितियों के चलते मारे गए हैं.
राज्य के राहत आयुक्त जीके टंडन ने बताया कि राजधानी लखनऊ और पवित्र नगरी बनारस के कई हिस्सों में बारिश के कारण जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है.
उधर बिहार में भी बारिश का कहर जारी है और राज्य के कई ज़िलों में जल भराव की वजह से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है.
इसी तरह पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्य असम में भी भारी बारिश के कारण गंभीर संकट पैदा हो गया है.
ख़तरे के निशान से ऊपर
उत्तर प्रदेश में गंगा सहित कई प्रमुख नदियाँ कई जगहों पर ख़तरे के निशान से काफ़ी ऊपर बह रही हैं.
जीके टंडन ने बताया कि राज्य के 21 ज़िलों के तीन हज़ार से भी ज़्यादा गाँव बारिश और बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं.
प्रभावित इलाक़ों से क़रीब 50 हज़ार लोगों को इस गंभीर स्थिति से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है.
राज्य सरकार ने बाढ़ और बारिश से प्रभावित क़रीब 15 लाख लोगों के लिए 268 राहत शिविरों की व्यवस्था की है.
राज्य में सड़क और रेल यातायात भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है और कई रेलगाड़ियाँ काफी विलंब से चल रही हैं.