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मंगलवार, 19 अगस्त, 2008 को 18:06 GMT तक के समाचार

सिमी पर प्रतिबंध जारी रखने का अनुरोध

भारत की केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ़ इंडिया (सिमी) पर प्रतिबंध को आगे जारी रखने का अनुरोध किया है.

गत पाँच अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट के एक ट्रिब्यूनल ने सिमी पर लगे प्रतिबंध को यह कहते हुए हटा दिया था कि केंद्र सरकार के पास सिमी के ख़िलाफ़ पर्याप्त सुबूत नहीं हैं.

इसके अगले ही दिन केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी और इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिबंध हटाने के फ़ैसले पर रोक लगा दी थी और तीन सप्ताह का समय दिया था.

केंद्र सरकार ने इसी साल फ़रवरी में सिमी पर चरमपंथी और विघटनकारी कार्यों में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए इस पर प्रतिबंध लगा दिया था.

पिछले दिनों बंगलौर और अहमदाबाद में हुए बम विस्फोटों के पीछे भी राज्य सरकारों ने सिमी के शामिल होने का आरोप लगाया है.

अनुरोध

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार एडीशनल सॉलीसिटर जनरल गोपाल सुब्रमण्यम ने न्यायमूर्ति बीएन अग्रवाल, न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी और न्यायमूर्ति जेएम पांचाल के पीठ के सामने मंगलवार को यह मामला उठाया.

उन्होंने कहा कि यदि सिमी पर प्रतिबंध को आगे नहीं बढ़ाया जाता है तो इसका देश के हितों पर विपरीत असर पड़ेगा.

एडीशनल सॉलीसिटर जनरल का कहना था कि इस मामले की सुनवाई 22 अगस्त को होनी थी लेकिन उस दिन की सूची में यह मामला नहीं है.

लेकिन सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार कार्यालय ने सूचना दी कि यह मामला 25 अगस्त को सुनवाई के लिए आने वाला है.

छह अगस्त को मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन की अदालत में केंद्र सरकार की ओर से हाईकोर्ट के ट्रिब्यूनल के फ़ैसले पर रोक लगाने की याचिका पेश की गई थी.

सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को स्वीकार करते हुए सिमी को भी नोटिस जारी किया था और सुनवाई के लिए तीन हफ़्ते बाद का समय दिया था.

केंद्र सरकार का तर्क है कि हाईकोर्ट ट्रिब्यूनल ने सरकार की ओर से दी गई ख़ुफ़िया विभाग की रिपोर्ट पर ध्यान नहीं दिया.